संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। इस साल पर्याप्त बारिश-बर्फबारी न होने का असर पेयजल स्रोतों पर भी पड़ रहा है। नेरवा में कई पेयजल स्रोत सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं, जिससे बिजमल गांव के लोग पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। हालात यह हैं कि ग्रामीण गाड़ियों में ढोकर दूर क्षेत्र से पानी ला रहे हैं। बिजमल पंचायत के पूर्व प्रधान दिनेश चौहान ने बताया कि दो वर्षों से बारिश-बर्फबारी काफी कम हो रही है। इस कारण इस साल गांव में पेयजल की आपूर्ति करने वाले स्रोतों में जल स्तर काफी कम हो गया है। पेयजल स्रोतों में एक इंच से अधिक पानी होता था, जो घटकर आधा इंच रह गया है। उन्होंने बताया कि गांव को पेयजल आपूर्ति करने वाली योजना 1980 में बनाई गई थी। उस समय बिजमल गांव में मात्र 25 घर थे, जबकि आज 85 घर हो गए हैं। आबादी का तीन गुना बढ़ जाना भी पानी की कमी होने का एक कारण है। पेयजल किल्लत के चलते ग्रामीणों को भरटांव नाले से अपनी गाड़ियों में पानी ढोना पड़ रहा है। बिजमल पंचायत के प्रधान मनोज कुमार, पूर्व प्रधान सबला राम चौहान, पूर्व प्रधान बबिता राणा, उप प्रधान वीरेंद्र सिंघटा, पूर्व उपप्रधान कुलविंदर, पंचायत समिति सदस्य राम चंद, पूर्व पंचायत समिति सदस्य नारायण सिंह चौहान, नंबरदार अत्तर सिंह राणा, वार्ड मेंबर नवीन कुमार, चतर सिंह, सुरेश ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू व उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से मांग की है कि बिजमल के लिए एक नई पेयजल योजना बनाई जाए, ताकि आगामी समय में उन्हें पेयजल संकट से निजात मिल सके।
बिजमल को पेयजल आपूर्ति करने वाले स्रोतों में जल स्तर काफी घट गया है। इस कारण यह पेयजल किल्लत की समस्या उत्पन्न हुई है। मौके की स्थिति का आंकलन किया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- अनिल शर्मा, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग