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Rampur Bushahar News: साइकिल रैली निकाल कर जवानों ने दिया फिट इंडिया का संदेश

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आईटीबीपी की 19वीं वाहिनी के जवानों ने विश्व साइकिल दिवस पर सराहन से बौंडा तक निकाली रैली। स्रोत
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विश्व साइकिल दिवस पर कमांडेंट के नेतृत्व में निकाली जागरूकता रैली
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संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)।
रामपुर उपमंडल के सराहन स्थित 19वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के जवानों ने कमांडेंट दिग्विजय सिंह नेगी के नेतृत्व में विश्व साइकिल दिवस पर साइकिल रैली निकाली। मां भीमाकाली मंदिर सराहन से वाहिनी मुख्यालय बौंडा तक साइकिल रैली निकाली गई, जिसमें स्थानीय लोगों को फिट इंडिया, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवन शैली का संदेश दिया गया। 19वीं वाहिनी के कमांडेंट दिग्विजय सिंह नेगी ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र की ओर से घोषित विश्व साइकिल दिवस का उद्देश्य साइकिल को सस्ते, सुलभ, पर्यावरण-अनुकूल और स्वास्थ्यवर्धक परिवहन के साधन के रूप में बढ़ावा देना है। उन्होंने पदाधिकारियों और नागरिकों से अपील की है कि वे छोटी दूरी के लिए साइकिल का उपयोग करें। अपने बच्चों को भी साइकिल चलाने के लिए प्रेरित करें। स्वस्थ शरीर, स्वच्छ पर्यावरण और आत्मनिर्भर भारत के लिए साइकिल एक छोटा कदम और बड़ा परिवर्तन है। साइकिल सिर्फ पहिया नहीं, तरक्की का पहिया है। कार्यक्रम के दौरान उप सेनानी/जीडी अखिलेश ठाकुर, सहायक सेनानी/जीडी आदित्य तिवारी, सूबेदार मेजर जसबीर सिंह और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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छात्रों को सीमावर्ती गांव के लोगों की कला और संस्कृति की दी जानकारी
19 वीं वाहिनी के प्रवक्ता ने बताया शनिवार को भी 19वीं वाहिनी की ओर से विकसित वाईब्रेंट विलेज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 19वीं वाहिनी के क्षेत्राधिकार में आने वाले गांव मलिंग, चांगो, नाको और शलखर किन्नौर में माई भारत पोर्टल की ओर से चलाए गए अभियान के तहत चयनित छात्रों का भ्रमण करवाया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को सीमावर्ती गांव के लोगों की कला, संस्कृति और जीवन शैली के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान माई भारत पोर्टल की ओर से चलाए गए अभियान के तहत 7 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से चयनित 100 प्रतिभागी किन्नौर पहुंचे, जिनका सामरिक मुख्यालय समदो में तैनात उप सेनानी/जीडी देशराज ने भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद सीमावर्ती गांव का भ्रमण करवाया गया। चयनित प्रतिभागी चीन के पास स्थित सीमावर्ती गांव में अगले सात दिन तक रहकर कला, संस्कृति, खान-पान, जीवनशैली, पलायन, सीमा सुरक्षा, बुनियादी ढांचे का विकास, पर्यटन और आजीविका एवं युवा सहभागिता के बारे में बारीकी से जानेंगे।
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