किन्नौर जिले के छितकुल में बर्फबारी के बाद का नजारा।
- फोटो : RAMPUR-HP
सांगला(किन्नौर)। बिगड़े मौसम मिजाज के बाद रविवार रात से जनजातीय जिला किन्नौर शीत लहर की चपेट में आ गया है। किन्नौर में सोमवार को ऊंचाई वाले इलाकों में रुक-रुक हिमपात का दौर शुरू हो गया है। समूचे जिले में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। सोमवार को पर्यटन स्थल कल्पा का तापमान माइनस 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला का अधिकतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान माइनस 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सोमवार सुबह से जनजातीय जिला किन्नौर के दुर्गम क्षेत्रों छितकुल, आसरंग, लिप्पा, नेसंग सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्का हिमपात दर्ज किया गया। इसके बाद ठंड का प्रकोप बढ़ने से सोमवार को जिले के विभिन्न कार्यालयों में कैरो हीटरों के सहारे कार्य करते नजर आए। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में लोग दिन भर चार दिवारी के भीतर दुबके रहे। किन्नौर में भी आगामी 28 दिसंबर तक मौसम खराब रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने जिले के लोगों को ऐहतियात बरतने की अपील की है और अपने घरों में सुरक्षित रहने को कहा है। सोमवार को रिकांगपिओ से काजा और शिमला की ओर वाहनों की बराबर आवाजाही रही। परिवहन निगम रिकांगपिओ के अड्डा प्रभारी सुमन नेगी ने बताया कि सोमवार को जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से काजा और शिमला की ओर वाहनों की बराबर आवाजाही रही।
उधर, सहायक आयुक्त किन्नौर राजेंद्र कुमार गौतम ने कहा कि बर्फबारी और बारिश के पूर्वानुमान के चलते जिले के लोगों से आह्वान किया गया है कि वे ऊंचाई वाले इलाकों में न जाएं। बर्फबारी के दौरान लोग अपने घरों पर सुरक्षित रहें। उन्होंने यहां आने वाले पर्यटकों से भी अपील की है कि ट्रैकिंग पर जाने से बचें।