सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में दो-तीन दिन से मौसम खराब है। मंगलवार दोपहर बाद जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया। वहीं, निचले क्षेत्रों में हल्की बारिश हो रही है। इसके चलते समूचा जिला ठंड की चपेट में आ गया है।
जानकारी के मुताबिक जिले के पूह, निचार और कल्पा खंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में करीब 4 से 6 इंच ताजा हिमपात दर्ज किया गया है। मंगलवार को किन्नौर जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल कल्पा का अधिकतम तापमान 5 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान माइनस 3 रहा। जबकि, पर्यटन स्थल सांगला का अधिकतम तापमान 6 डिग्री और न्यूनतम तापमान माइनस 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। हालांकि, मंगलवार को जिले में हुई हल्की बर्फबारी से फिलहाल पथ परिवहन निगम के कोई भी रूट प्रभावित नहीं हुए हैं। कार्यवाहक क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी ने कहा कि जिले से शिमला और काजा की तरफ और सभी ग्रामीण रूटों पर निगम की बसों की आवाजाही सुचारु रूप से चल रही है।
वहीं, इन दिनों बर्फबारी और बारिश से भले ही लोगों की ठंड से दुश्ववारियां बढ़ गई हैं, लेकिन इससे किसान-बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं। आगामी वर्ष आने वाले नकदी फसलों सेब, राजमाह, कालाजीरा, आलू, मटर, चुल्ली, नाशपाती, बादाम, अखरोट, ओगला और फाफरा सहित कई अन्य नकदी फसलों के लिए नवंबर की बर्फबारी और बारिश बेहद लाभप्रद मानी जा रही है।
जिले के बागवान दलीप नेगी, सुरेंद्र नेगी, वीरेंद्र नेगी, प्रताप नेगी, दीपक नेगी, दिव्या नेगी, राजेश नेगी, सुरजीत नेगी, कुलदीप नेगी और यजविंद्र नेगी सहित अन्य लोगों ने कहा कि इस वर्ष मौसम के बदले मिजाज से आगामी नकदी फसलों की बंपर पैदावार होने की उम्मीदें जग गई हैं।
इसके बारे में कार्यवाहक उद्यान विभाग उपनिदेशक किन्नौर डॉ. जगत सिंह नेगी ने कहा कि सर्दियों के शुरुआती दिनों में बर्फबारी होने से चिलिंग आवर पूरे होने के साथ-साथ आने वाली नकदी फसलों के लिए भी यह काफी फायदेमंद है।