जिले की 82 सड़कों पर बर्फबारी के तीसरे दिन भी वाहनों की आवाजाही ठप
दो दिन बाद भी बहाल कई क्षेत्रों में बहाल नहीं हुई बिजली, 170 ट्रांसफार्मर बंद
संवाद न्यूज एजेंसी सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में बीते रविवार को हुई बर्फबारी के तीन दिन के बाद भी जिंदगी पटरी पर नहीं लौट पाई है। जिले के तीनों खंडों की अधिकांश सड़काें पर बर्फबारी और फिसलन के कारण मंगलवार को तीसरे दिन भी वाहनों की आवाजाही ठप रही। जिले में करीब 170 ट्रांसफार्मर अभी भी बंद पड़े हैं। इसके चलते जिले के हजारों लोगों को कंपकंपाती ठंड में ठिठुरने को मजबूर होना पड़ रहा है। गौर हो कि किन्नौर जिले में बीते रविवार से शुरू हुई बर्फबारी के बाद करीब 45 से 90 सेंटीमीटर तक बर्फबारी दर्ज की गई है। यह बर्फबारी जिले के किसान और बागवानों के लिए जहां संजीवनी बनकर आई है, वहीं इससे लोगों की दुश्वारियां भी बढ़ गई हैं। जिले के 82 ग्रामीण सड़कों पर वाहनों के पहिए थमे हुए हैं। कल्पा, पूह और निचार खंड की अधिकतर सड़कें तीसरे दिन भी यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाई है। इससे लोगों को आवाजाही में खासी परेशानियां पेश आ रही है। मजबूरी में लोग पैदल आवाजाही कर रहे हैं। लोक निर्माण विभाग ने इन तीनों खंडों की बाधित सडक़ों को बहाल करने के लिए 18 मशीनें और 400 मजदूर तैनात किए हैं। राष्ट्रीय उच्च मार्ग पांच पूह तक बहाल हो चुका है। मंगलवार को जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से शिमला की ओर निगम की बसों की आवाजाही होती रही। विद्युत आपूर्ति की बात करें तो जिले में अभी भी 170 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं, जबकि तीनों खंडों में 30 खंभे और सात किलोमीटर विद्युत लाइनों को बर्फबारी से क्षति पहुंची है। विद्युत बोर्ड के करीब 200 कर्मचारी विद्युत आपूर्ति बहाल करने में जुटे हुए हैं। ये कर्मी कड़ाके की ठंड में अपनी जान की परवाह किए बगैर काम कर रहे हैं। लोक निर्माण विभाग कल्पा के अधिशासी अभियंता डीके सेन और अधिशासी अभियंता भावानगर राहुल सूद ने कहा कि भारी बर्फबारी के चलते बाधित सड़कों को बहाल करने में 18 मशीनें और 400 मजदूर जुटे हुए हैं। जिले में एक दर्जन के करीब सड़कों को छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया है। इनस
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बर्फबारी से तीनों ब्लॉकों में विद्युत बोर्ड को भारी नुकसान हुआ है। बोर्ड ने बंद पड़े 445 ट्रांसफार्मरों में से 275 को दुरुस्त कर दिया है। अन्य क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल करने का कार्य चल रहा है।
टाशी नेगी, अधिशासी अभियंता विद्युत बोर्ड रिकांगपिओ