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किन्नौर की ऊंची चोटियों में हिमपात, माइनस दो डिग्री गिरा तापमान

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किन्नौर जिले के रक्षम गांव में बर्फ से लकदक सेब का पेड़। - फोटो : RAMPUR-HP
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सांगला/रिकांगपिओ। बुधवार रात से बिगड़े मिजाज के बाद जनजातीय क्षेत्र जिला किन्नौर शीत लहर की चपेट में आ गया है। किन्नौर में बुधवार रात से रूक-रूक कर हो रही बारिश के बाद वीरवार सुबह जिला के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। वहीं जिले के निचले क्षेत्रों में झमाझम बारिश होती रही। इसके चलते क्षेत्र में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। वीरवार को किन्नौर के कल्पा का तापमान माइनस 2 डिग्री तक दर्ज किया गया। प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला का अधिकतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान माइनस एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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जिले के दुर्गम क्षेत्रों छितकुल, रक्षम, बटसेरी, ठंगी, लंबर, कुनोचारंग, पूह, आसरंग, लिप्पा, नेसंग, लियो, हांगो, चांगो, रोपावैली, यंगथंग और शलखर सहित किन्नौर के अधिकांश ऊंचाई वाले क्षेत्रों में करीब दो इंच तक ताजा हिमपात दर्ज किया गया। बर्फबारी के चलते छितकुल और नेसंग गांव के लिए वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। वहीं पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ के अड्डा प्रभारी खीमी राम ठाकुर ने बताया कि वीरवार को रिकांगपिओ से काजा और शिमला की तरफ निगम की बसों की बराबर आवाजाही रही। वहीं जिले के अधिकांश ग्रामीण रूटों पर भी बसों की आवाजाही सुचारू रही।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब तुड़ान पर लगी ब्रेक
जिला के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से सेब बागवानों की चिंता भी बढ़ने लगी है। रोपा वैली, चांगो, हंगरंग वैली, रक्षम, कल्पा कंडा और ख्वांगी कंडा क्षेत्रों में सेब तुड़ान पर बर्फबारी ने ब्रेक लगा दी है। सेब की तैयार फसल से पौधे सेब से लदे हुए हैं। वहीं बर्फबारी ने सेब के पौधों पर सफेद चादर बिछा दी है। ऐसे में बागवानों को चिंता सता रही है कि यदि बर्फबारी जारी रही तो सेब मंडियों तक कैसे पहुंचाया जाएगा।

किन्नौर जिले के प्रसिद्व पर्यटक स्थल छितकुल में ताजा बर्फबारी का नजारा- फोटो : RAMPUR-HP

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