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कोरोना काल में कारोबारियों पर सर्विस टैक्स की मार

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रामपुर बुशहर। कोरोना काल में प्रदेश सरकार की ओर से सर्विस टैक्स बढ़ाने से दुकानदारों पर मार पड़ी है। महामारी के इस दौर में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शहरी विकास विभाग के फैसला का दुकानदारों ने कड़ा विरोध जताया है। नगर परिषद की दुकानें किराए पर लेकर चला रहे दुकानदारों ने सरकार से राहत देने की गुहार लगाई है।
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नगर परिषद रामपुर के पूर्व पार्षद ध्रुव शर्मा ने कहा कि देश में वैश्विक महामारी के दौर में जहां जनता की ओर से चुनी गईं सरकारें लोगों को राहत देने के प्रयास में जुटी हैं, वहीं प्रदेश की भाजपा सरकार रामपुर बाजार के छोटे व्यापारियों को बोझ तले दबाने का कार्य कर रही है। जो दुकानदार नगर परिषद रामपुर की दुकानें किराए पर लेकर अपने परिवार का पेट भर रहे हैं, उन सभी दुकानदारों को इस महामारी के समय में हजारों रुपये के सर्विस टैक्स के नोटिस थमाना कहां तक जायज है? प्रदेश भाजपा सरकार को इस वैश्विक महामारी को मद्देनजर रखते हुए जहां सभी नगर परिषद एवं सरकारी दुकानों का किराया माफ करवाने के लिए फरमान जारी किए जाने चाहिए थे, वहीं इसके विपरीत दुकानदारों पर सर्विस टैक्स लगाकर प्रदेश भाजपा सरकार आए दिन आम जनता के साथ-साथ अब दुकानदारों का भी बोझ बढ़ाने के कार्य में लगी है। लंबे समय तक लॉकडाउन होने के कारण सभी दुकानदार परेशान रहे। इनको अपनी दुकानों का किराया तक चुकाना मुश्किल हो गया था, तो इस समय वे दुकानदार सर्विस टैक्स कैसे दें? शर्मा ने रामपुर नप के भाजपा समर्थित पार्षदों पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि ये पार्षद भी दुकानदारों को राहत पहुुंचाने के बजाय अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं।
नगर परिषद की दुकानें चला रहे दुकानदार चमन शर्मा, सुशील बॉबी, सरजू प्रसाद, योगराज अत्री, हनी बंसल, देवेंद्र कुमार, अभिषेक महाजन, संजय शर्मा, अनुराग गौतम, अखिल शर्मा, राजू और अन्य दुकानदारों ने सरकार जल्द नगर परिषद के किरायेदारों की समस्या का समाधान करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि महामारी के इस दौर में हजार रुपये सर्विस टैक्स देना असंभव है।
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