. अंतिम बार साल 1971 में हुआ था महायज्ञ का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। उपमंडल जुब्बल के झड़ग गांव में नागेश्वर देवता महाराज का ऐतिहासिक शांद महायज्ञ का 54 साल बाद आयोजन होगा। झड़ग में 4 दिसंबर से 6 दिसंबर तक धार्मिक अनुष्ठान चलेगा। इसके लिए क्षेत्र में तैयारियों जोरों से चल रही हैं। इससे पहले झड़ग गांव में साल 1971 में शांद महायज्ञ का आयोजन हुआ था। नागेश्वर देवता महाराज की मान्यता चैणू, मंढोल, पटसारी, बराल, झड़ग, चेवड़ी, जौहटा, मटासा, पटसारी, मंघारा, मडकांदली, सारी, नामटा, रमचैण, झौऊटा और बंटाडी गांव तक है। इस ऐतिहासिक महायज्ञ के आयोजन पर क्षेत्र के लोगों और मंदिर कमेटी की ओर से करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। झड़ग गांव में आयोजित हो रहे शांद महायज्ञ में तंदाली गांव से धौंलू देवता महाराज, छूपाड़ी गांव से गुडारु देवता महाराज, जागा माता अढाल, मंढोल का झौऊटा खूंद, शलान का बकरोदा खूंद, हाटकोटी से मां हाटेश्वरी और पारसा से परशुराम विशेष रूप से शिरकत करेंगे। मंदिर कमेटी की ओर से 11 बटोलियां भी इस महायज्ञ में विशेष रूप से आमंत्रित की गई हैं। इसमें छौहारा क्षेत्र से मसली, धगोली, नंदला, टोडसा, रोहड़ू से खशकंडी, भमनोली, गढ़ई, चिऊनी, पाऊली, शेखल(नावर) और फ्रिंऊकोटी शामिल हैं। नागेश्वर देवता मंदिर कमेटी झड़ग के मोतमीन राय लाल मेहता ने बताया कि तीन दिवसीय शांद महायज्ञ के आयोजन के दौरान पहले दिन संघेडा के अवसर पर रास मंडप की रस्म धौंलू देवता महाराज निभाएंगे। दूसरे दिन शिखा फेर की मुख्य रस्म झड़ग खूंद पूरी करेंगे। अंतिम और तीसरे दिन उछड़-पाछड़ के दौरान सभी देवता, परशुराम और 11 बटोलियां अपने-अपने गांव और मंदिरों के लिए प्रस्थान करेंगे। बताया कि झड़ग गांव में नागेश्वर देवता महाराज के भव्य मंदिर निर्माण के लिए क्षेत्र के सभी लोगों का योगदान रहा है।
झड़ग गांव के देवता नागेश्वर महाराज का भव्य मंदि, जहां होगा शांद महायज्ञ। संवाद