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Rampur Bushahar News: रामपुर कॉलेज में शिक्षा क्षेत्र में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

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पीजी कॉलेज रामपुर में विरोध प्रदर्शन करते एसएफआई कार्यकर्ता। संवाद
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जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन के समर्थन में उतरी एसएफआई
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छात्रों की आवाज दबाने से नहीं रुकेगा संघर्ष : राहुल विद्यार्थी

शिक्षा को अधिकार के बजाय बाजार का बनाया जा रहा माध्यम : ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर।
एसएफआई इकाई रामपुर ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक, शिक्षा के निजीकरण और शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। छात्र आंदोलन के समर्थन में कार्यकर्ताओं ने रामपुर कॉलेज में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था को बचाने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई। इस दौरान महाविद्यालय परिसर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो के नारों से गूंज उठा। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए एसएफआई इकाई सचिव राहुल विद्यार्थी और उपाध्यक्ष विक्रांत ठाकुर ने कहा कि देशभर में लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटालों और पेपर लीक की घटनाओं ने करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य को असुरक्षित कर दिया है। वर्षों की मेहनत करने वाले छात्र आज भ्रष्टाचार और सरकारी लापरवाही का शिकार हो रहे हैं। जंतर-मंतर पर छात्र पिछले कई दिनों से लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं लेकिन केंद्र सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से लेने के बजाय आंदोलन की अनदेखी कर रही है। विक्रांत ठाकुर ने कहा कि शिक्षा को अधिकार के बजाय बाजार का माध्यम बनाया जा रहा है। लगातार फीस वृद्धि, सार्वजनिक शिक्षण संस्थानों की उपेक्षा, निजीकरण और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताएं देश की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रही हैं। एसएफआई इन नीतियों का पुरजोर विरोध करती है और देशभर के छात्रों के संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ी है। राहुल विद्यार्थी ने मांग की है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दें। राष्ट्रीय स्तर पर हुए सभी परीक्षा घोटालों और पेपर लीक मामलों की उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। साथ ही हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्तियों में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की ओर से इंगित अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया से संबंधित शिकायतों की न्यायिक जांच कराई जाए। विश्वविद्यालय में की गई फीस वृद्धि तत्काल वापस ली जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उच्च शिक्षा से वंचित न होना पड़े। विद्यार्थी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और समान अवसर सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि सरकार छात्रों की मांगों की अनदेखी करती रही तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा और प्रदेशभर में छात्र-युवाओं को संगठित कर संघर्ष तेज किया जाएगा। साथ ही सभी छात्रों, युवाओं और लोकतांत्रिक संगठनों से अपील की कि वे जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के साथ एकजुटता व्यक्त करें और शिक्षा बचाने, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता स्थापित करने और सार्वजनिक शिक्षा को मजबूत करने के इस संघर्ष का हिस्सा बनें।
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