डाखरेन मेले में नाटी डालतीं महिलाएं। संवाद
रामपुर बुशहर में चार दिवसीय पारंपरिक डाखरेन मेला संपन्न, उमड़ा आस्था का सैलाबसंवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
श्री श्री महादेव टेरस नारायण जी के आदेशानुसार आयोजित चार दिवसीय पारंपरिक डाखरेन मेला श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हो गया। यह मेला 17 जुलाई को श्री नारायण मंदिर, हुरुआ में धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुआ था। इसका भव्य समापन सोमवार को महादेव मंदिर, मझगांव में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ किया गया। मेले के दौरान क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर देव दर्शन किए। उन्होंने सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की गई। देव कार्यक्रम और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी आयोजन हुआ। स्थानीय लोगों के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेले में शामिल हुए। इससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण बना रहा। चार दिवसीय मेले में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की। देव दर्शन कर सभी ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी सबका मन मोहा। आयोजन समिति ने बताया कि डाखरेन मेला क्षेत्र की सदियों पुरानी देव परंपराओं का प्रतीक है। यह स्थानीय संस्कृति और विरासत को जीवंत रखता है। समिति ने मेले को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, देव कारदारों और स्थानीय ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। प्रशासन के सहयोग की भी सराहना की गई। पूरे आयोजन में श्रद्धा, अनुशासन और पारंपरिक संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली।