संवाद न्यूज एजेंसी
रोहडू। सरस्वतीनगर-हाटकोटी की सीवरेज योजना का निर्माण कार्य विभाग की फाइलों में 14 साल से लटका हुआ है। इस योजना पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी 25 प्रतिशत बचे कार्य को पूरा करने के लिए बजट का प्रावधान नहीं हो पाया है। इस कारण लोगों के घरों से निकल रही सीवर की गंदगी नदी-नालों के पानी में बह रही है। सरस्वतीनगर के लिए सीवरेज योजना का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने वर्ष 2010 में किया था। इसपर प्रदेश सरकार ने करीब पौने नौ करोड़ रुपये खर्च होने का एलान किया था। 8.79 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस योजना का काम शिलान्यास के दो साल बाद शुरू हुआ था। अब 14 साल बीत गए है और योजना का 25 प्रतिशत कार्य लटक गया है। 14 साल बाद योजना की अनुमानित लागत करोड़ों रुपये बढ़ चुकी है। वहीं, विभागीय खामियों के चलते पहले ठेकेदार ने पुरानी दरों पर काम करना छोड़ दिया है। इस वजह से विभाग को दोबारा एस्टीमेट भेजना पड़ा। उसके बाद टेंडर में केवल एक ही ठेकेदार पहुंचा। इस वजह से टेंडर रद्द हो गए। अब फिर दोबारा टेंडर की प्रक्रिया पूरी की गई। सरस्तीनगर में कॉलेज, डीएवी स्कूल, दो सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पुलिस चौकी, वन निगम का डिवीजन, उपतहसील मुख्यालय सहित कई कार्यालय हैं। हाटकोटी धार्मिक पर्यटन के नाम पर पहले ही देश में अपनी अलग पहचान रखता है। इसी आधार पर सरकार ने इस पंचायत को सीवरेज योजना से जोड़ने का फैसला लिया था।
विधानसभा सत्र में भी उठा था मुद्दा
तत्कालीन विधायक ने इस मामले को मार्च 2022 के विधानसभा सत्र में उठाया था। उस दौरान जल शक्ति मंत्री ने जवाब दिया था कि इसकी अनुमानित लागत 8.79 करोड़ है। इस पर उस समय तक 5.60 करोड़ खर्च हो चुका था। उन्होंने विधानसभा में जवाब दिया था कि शेष 25 प्रतिशत कार्य मार्च 2023 तक पूरा किया जाएगा, लेकिन अब एक साल फिर निकल गया इसके लिए प्राप्त बजट उपलब्ध नहीं है।
सरस्वती नगर- हाटकोटी सीवरेज निकासी योजना के लिए विधायक एवं शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के प्रयासों से कुछ बजट उपलब्ध करवाया गया है। आजकल उससे काम चल रहा है। शीघ्र सरकार से बाकी बजट का भी प्रावधान हो रहा है। विभाग की ओर से शीघ्र काम को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
- संजीव मोकटा, एसडीओ जिल शक्ति उपमंडल सरस्वती नगर