.2024 में सीवरेज प्रणाली से जोड़ने के लिए डीपीआर बनकर तैयार
. बजट के अभाव में सिरे नहीं चढ़ा सीवरेज प्रणाली का निर्माण कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। टापरी में सीवरेज का पानी खुले में बह रहा है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। टापरी बाजार में चारों तरफ गंदा पानी और गंदगी के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। उप तहसील कार्यालय से लेकर मुख्य द्वार तक सीवरेज का गंदा पानी बह रहा है। उप तहसील होने के कारण लोग सरकारी कार्यों के चलते टापरी बाजार पहुंचते हैं, लेकिन गंदगी होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। सीवरेज का पानी खुले में बहने से स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों को अधिक दिक्कत पेश आ रही है। वहीं, 15 वर्ष से टापरी में सीवरेज प्रणाली का निर्माण कार्य सिरे नहीं चढ़ पाया है। पंचायत और प्रशासन भी समस्या से निजात दिलाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। दो वर्ष पहले उप तहसील को सीवरेज प्रणाली से जोड़ने की कवायद शुरू हुई थी, जो अभी बजट के अभाव में लटकी है। टापरी व्यापार मंडल के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नेगी, उपाध्यक्ष विनोद कुमार, पुनंग के उप प्रधान वीरेंद्र नेगी, चगांव निवासी प्रदीप नेगी, अशोक जितस, राम प्रकाश नेगी और भगत चंद नेगी ने कहा कि टापरी बाजार में गंदगी बढ़ गई है। जगह-जगह सीवरेज का गंदा पानी बह रहा है। चगांव के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों के 50 घरों के सीवरेज का गंदा पानी टापरी बाजार में बह रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और जल शक्ति विभाग से सीवरेज प्रणाली से जोड़ने की मांग उठाई है, जिससे आने जाने वाले लोगों को पेश आ रही समस्या का सामना न करना पड़े।
सीवरेज सिस्टम के लिए डीपीआर वर्ष 2024 में बना दी है। बजट का अभाव होने के कारण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। जैसे ही बजट का प्रावधान होगा, वैसे ही कार्य में प्रगति लाई जाएगी।
- अभिषेक शर्मा,
एक्सईएन, जल शक्ति विभाग, रिकांगपिओ
टापरी बाजार में गंदा पानी फेंकने वालों के चालान काटने को लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे। पानी फेंकने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-केएल सुमन, अधिशासी अभियंता, एनएचएआई