सरपारा स्कूल में शिक्षकों के रिक्त पदों से बढ़ी छात्रों की परेशानियां। संवाद
पिछले साल 15 विद्यार्थियों ने किया पलायन, शिक्षा मंत्री के आश्वासनों के बाद भी नहीं भरे गए पद
ईशिका गौतम
रामपुर बुशहर। उपमंडल की दुर्गम पंचायत सरपारा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में प्रधानाचार्य समेत सात शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। पंचायत प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री से मिलकर शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग कर चुका है, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं हुई। स्कूल के विद्यार्थी दूसरे स्कूलों में पलायन कर रहे हैं। सरपारा स्कूल से पिछले वर्ष 15 विद्यार्थियों ने पलायन किया। स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। वहीं, शिक्षकों की कमी के कारण अभिभावकों को विद्यार्थियों के भविष्य की चिंता सता रही है। प्रधानाचार्य का पद वर्ष 2023 से रिक्त है। इसके अलावा टीजीटी नॉन मेडिकल का पद छह वर्ष, मेडिकल का छह वर्ष, टीजीटी आर्ट्स दस महीने से, पीटीआई का दो वर्ष से और राजनीतिशास्त्र का पद तीन वर्ष से खाली चल रहा है। लिपिक का पद आज तक भरा ही नहीं गया है। वर्तमान में स्कूल में 50 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। शिक्षकों के अभाव में छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों को घरद्वार बेहतर शिक्षा ग्रहण करने की सुविधा नहीं मिल पा रही है। सरपारा पंचायत के प्रधान मोहन कपाटिया, स्कूल प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष राकेश, चुनी लाल नेगी, बीर सिंह, सुनील ठाकुर, रोशन और रूपा समेत अन्य अभिभावकों ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधिमंडल शिक्षकों के रिक्त पदों को लेकर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से शिमला में मिला। शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया कि जल्द ही शिक्षकों के रिक्त पदों को भरा जाएगा, लेकिन अभी तक रिक्त पदों को नहीं भरा गया है। उन्होंने शिक्षा विभाग से रिक्त पदों को भरने का आह्वान किया है, जिससे विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने कई किलोमीटर दूर रामपुर नहीं जाना पड़गा। संवाद