शलाटी घोड़ी की सुख-समृद्धि के लिए मंदिर में सात दिनों तक होगा संपुट चंडी पाठ, 15 जुलाई को देवता साहिब छिज्जा कालेश्वर और दोगणू देवता भी करेंगे शिरकत, 16 को पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा अनुष्ठान, हजारों लोग चखेंगे भंडारा
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। शलाटी घोड़ी के आराध्य देवता साहिब लक्ष्मी नारायण कुमसू मंदिर में सात दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गया है। मंगलवार को जलयात्रा के साथ चंडी पाठ का विधिवत शुभारंभ हुआ। देवता साहिब लक्ष्मी नारायण की अगुवाई में आचार्यों, पुजारियों, मंदिर कमेटी के पदाधिकारियों सहित ग्रामीणों ने बढ़चढ़ कर जलयात्रा में भाग लिया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर मंदिर परिसर से जलयात्रा निकली और बनाओ नामक स्थान से वापस मंदिर पहुंची। बता दें कि शलाटी घोड़ी की सुख-समृद्धि के लिए संपुट चंडी पाठ का आयोजन किया जा रहा है। आराध्य देवता साहिब नरेशर लक्ष्मी नारायण कुमसू ने मंदिर परिसर में इलाके की सुख-समृद्धि और शांति के लिए पाठ करवाने के आदेश दिए थे, जिसकी अनुपालना करते हुए मंदिर कमेटी ने धार्मिक अनुष्ठान देवता साहिब के आदेशानुसार विधिवत रूप से शुरू किया। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष जीवन चौहान ने कहा कि सात दिनों तक मंदिर में संपुट चंडी पाठ का आयोजन किया जा रहा है। 11 आचार्यों के सहयोग से चंडी पाठ कार्यक्रम संपन्न होगा, जिसमें चार ठहरी, पांच स्थान के आचार्य शामिल हैं। मुख्य आचार्य श्याम सुंदर शास्त्री की अध्यक्षता में सात दिनों तक मंदिर में चंडी पाठ कार्यक्रम होगा। शाम को आरती की जाएगी। 15 जुलाई को देवता साहिब छिज्जा कालेश्वर देवठी और दोगणू देवता साहिब लालसा भी चंडी पाठ में शिरकत करेंगे। 16 को पूर्णाहुति के साथ संपुट चंडी पाठ कार्यक्रम संपन्न होगा और दोपहर को मंदिर में भंडारे का आयोजन किया जाएगा। हजारों लोग भंडारे का प्रसाद ग्रहण करेंगे और देवता साहिब का शुभ आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। मंदिर कमेटी अध्यक्ष जीवन चौहान ने सभी लोगों से धार्मिक अनुष्ठान में बढ़चढ़ कर भाग लेने का आग्रह किया है।