सिराज उत्सव की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देते अंकुश भारद्वाज। संवाद
सिराज उत्सव की सांस्कृतिक संध्या में लोक गायकों ने भी बांधा समां
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। सिराज उत्सव लवी मेले की दूसरी सांस्कृतिक संध्या इंडियन आइडल फेम अंकुश भारद्वाज के नाम रही। अपने गीतों से उन्होंने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय बैंड तांत्रा बॉयज और संतोष तोषी की पहाड़ी प्रस्तुतियों से हुई। संतोष तोषी ने तेरे संग नहीं रहना, नौव आ फैशना, प्लाजो रा तेबे आए शरारा जैसे पहाड़ी गीतों से समां बांधा। वॉयस ऑफ आउटर सिराज-2024 की विजेता उषा भारद्वाज ने ओ सुमित्रा मिलदी एजे लर्जी मोड़े समेत कई पहाड़ी गीतों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। स्थानीय कलाकार अंशुल शर्मा और अन्य कलाकारों ने भी अपने नृत्य और गीत प्रस्तुत कर उत्सव की शाम को यादगार बना दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी राजेश कुमार भारद्वाज ने कहा कि सिराज उत्सव प्रदेश के प्रमुख मेलों में से एक है, जो देव संस्कृति की झलक को संजोए हुए है। इस बार उत्सव में देवता जोगेश्वर महादेव, व्यास ऋषि समेत छह देवताओं की उपस्थिति रही, जिससे मेले का धार्मिक महत्व और बढ़ गया। उन्होंने कहा कि उत्सव युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का सुनहरा अवसर प्रदान करता है। इस अवसर पर मेला कमेटी के सभी सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।