ग्रामीणों के मकानों और मवेशियों को भारी नुकसान, पांच भेड़ें और एक गाय गोशालाओं में दबी
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खतरे को भांपते हुए चार मकान करवाए खाली, 150 सेब के पौधों को भी पहुंचा नुकसान संवाद न्यूज एजेंसी आनी (कुल्लू)। आनी उपमंडल की दुर्गम करशेईगाड़ पंचायत में मंगलवार को भारी बारिश से भूस्खलन हुआ। इससे क्षेत्र में भारी तबाही मच गई। सुबह करीब 11:00 बजे हुए इस भूस्खलन की चपेट में प्राथमिक स्कूल बालू आ गया और स्कूल का पूरा ढांचा मलबे में तब्दील हो गया। करशेईगाड़ और फनौटी पंचायत की सीमा पर स्थित इस स्कूल में तीन कमरे, एक हॉल और एक रसोईघर था, जो पूरी तरह से तबाह हो गया है। स्कूल में रखा सारा फर्नीचर, दस्तावेज और शैक्षणिक सामग्री मलबे में दफन हो गई। गनीमत रही कि इन दिनों स्कूल में छुट्टियां चल रही हैं, जिससे कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। स्कूल में दोनों पंचायतों के करीब 42 विद्यार्थी अध्यनरत हैं। स्थानीय पंचायत प्रधान शारदा देवी और फनौटी पंचायत के प्रधान दौलत राम चौहान ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि यदि स्कूल की इमारत भूस्खलन के रास्ते में न होती, तो नीचे स्थित बलेहड़ गांव को भारी नुकसान पहुंच सकता था। भूस्खलन से न केवल स्कूल प्रभावित हुआ, बल्कि ग्रामीणों की आजीविका पर भी बड़ा असर पड़ा है। बालू गांव के हीरालाल, पुत्र डोला राम की तीन भेड़ें और जगत सिंह, पुत्र इंदर सिंह की दो भेड़ें और एक गाय उनकी गोशाला में ही दब गईं। इसके अलावा देवी सिंह, संगत राम और हीरालाल के करीब 150 सेब के पौधे भी जमीन सहित खिसक गए। भूस्खलन से मोहर सिंह, झगड़ सिंह, देवी सिंह और हीरालाल के मकानों को भी खतरा उत्पन्न हो गया है, जिसे देखते हुए पंचायत की ओर से तुरंत प्रभाव से इन मकानों को खाली करवा दिया गया है। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही आनी प्रशासन ने पटवारी को मौके पर भेजा। तहसीलदार रत्नेश्वर शर्मा ने बताया कि मौके पर नुकसान का जायजा लिया ज रहा है। जल्द रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
करशेईगाड़ के बालू में भूस्खलन से स्कूल मलबे में तब्दील
करशेईगाड़ के बालू में भूस्खलन से स्कूल मलबे में तब्दील