2014 में सरस्वतीनगर की सीवरेज योजना का शुरू हुआ था काम, बजट के अभाव में लटका
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हाटकोटी के लिए करना पड़ेगा और इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी रोहड़ू। सरस्वतीनगर-हाटकोटी की सीवरेज योजना का 25 प्रतिशत बचा हुआ निर्माण कार्य 15 साल से लटका हुआ है। इस योजना पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी बचे कार्य को पूरा करने के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान नहीं हो पाया। इस कारण लोगों के घरों से निकल रही सीवर की गंदगी नदी-नालों के पानी में बह रही है। सरस्वतीनगर बाजार के लिए सीवरेज योजना का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने वर्ष 2010 में किया था। इस पर प्रदेश सरकार ने करीब 8.79 करोड़ रुपये खर्च करने का एलान किया था। सरकार ने शिलान्यास किया, लेकिन काम शुरू करवाने में दो साल का समय लग गया। काम वर्ष 2014 में शुरू किया गया। शिलान्यास को अब 15 साल बीत गए। अभी भी योजना का 25 प्रतिशत कार्य लटका पड़ा है। इसी के चरण-दो हाटकोटी का काम अभी शुरू ही नहीं हुआ है। देरी के कारण 15 साल में योजना की अनुमानित लागत करोड़ों रुपये बढ़ चुकी है। वहीं, विभागीय खामियों के चलते पहले ठेकेदार ने पुरानी दरों पर काम करना छोड़ दिया था। विभाग ने दोबारा प्राक्कलन बनाया और टेंडर जारी किए, लेकिन एक ही ठेकेदार के कारण रद्द हो गए। इसके बाद दोबारा टेंडर की प्रक्रिया पूरी की गई। इस योजना से सरस्वतीनगर में कॉलेज, डीएवी स्कूल, दो सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पुलिस चौकी, वन निगम का डिवीजन, उपतहसील मुख्यालय सहित कई कार्यालय के साथ पूरे बाजार की दुकानें, सार्वजनिक शौचालय और लोगों के आवास जुड़ने हैं। हाटकोटी धार्मिक पर्यटन के नाम पर पहले ही देश में अपनी अलग पहचान रखता है। इसी आधार पर सरकार ने इस पंचायत को सीवरेज योजना से जोड़ने का फैसला लिया था।
कई बार विधानसभा सत्र में भी उठा मुद्दा
तत्कालीन विधायक ने इस मामले को मार्च 2022 के विधानसभा सत्र में उठाया था। उस दौरान जल शक्ति मंत्री ने जवाब दिया था कि इसकी अनुमानित लागत 8.79 करोड़ है। उन्होंने विधानसभा में जवाब दिया कि शेष 25 प्रतिशत कार्य मार्च 2023 तक पूरा किया जाएगा, लेकिन अब वर्ष 2025 विधानसभा का अंतिम सत्र चल रहा है। अभी तक सीवरेज लाइन बिछाने का काम अधर में फंसा हुआ है।
इस पर काम चल रहा है। पहले बजट का अभाव रहा। अब शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बजट का प्रावधान किया है। सरस्वतीनगर में काम जल्दी पूरा किया जाएगा। हाटकोटी को जोड़ने में अभी समय लगेगा। -संजीव मोक्टा, एसडीओ, जल शिक्ति विभाग, सरस्वती नगर सब डिवीजन