संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। रोहड़ू के ग्रामीण क्षेत्र के रूटों पर हिमाचल पथ परिवहन निगम के रोहड़ू डिपो की बसें हांफ रही हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।परिवहन निगम के रोहड़ू डिपो में पंद्रह जीरो बुक वैल्यू बसें आठ ग्रामीण क्षेत्र के रूटों पर दौड़ रही हैं। इनमें से पंद्रह साल का समय पूरा होने के बाद सात बसों को वर्कशाप में खड़ा कर दिया गया है। परिवहन निगम के पास रोहड़ू डिपो के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 90 रूटों पर करीब 180 बसें चलाई जा रही हैं, जबकि परिवहन निगम के इस डिपों में इन रूटों को नियमित चलाने के लिए 123 बसों की जरूरत है। वर्तमान में निगम के पास 113 बसें हैं। सभी रूटों को नियमित चलाने के लिए दस अतिरिक्त बसों की जरूरत है। रोहड़ू डिपो के रूटों पर बसों की कमी के साथ मरम्मत के लिए बसों के पार्ट भी उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण गांव के रूटों पर कभी बसें खराब हो रही हैं, तो कहीं टायर पंचर होने से यात्री परेशान हो रहे हैं।
चलती बस का टूट गया गियर
23 नवंबर को रोहड़ू से गिल्टाडी मार्ग पर यात्रियों से भरी बस का तीखे मोड़ पर गियर लीवर टूटकर चालक के हाथ में आ गया। घटना शाम करीब साढ़े चार बजे की है। उसके बाद इसी रूट पर गांव की एक सड़क के पासिंग से लौट रही बस में सवारियों को उनके गंतव्य तक भेजा गया। इस सड़क पर इस साल 21 जून को सुबह एक बस के दुर्घटनागस्त होने से चार लोगों की मौत चुकी है।
निगम की ओर से लोगों को बेहतर सेवाएं देने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिस बस का गियर लीवर गिल्टाड़ी रूट पर टूट गया था। उसके स्थान पर दूसरी बस भेजी जा रही है। पंद्रह साल पूरी कर चुकी बसों को खड़ा कर दिया गया है। कुछ बसों की जरूर कमी है। कुछ रूटों को वाया करके सभी रूटों पर बसें चलाई जा रही हैं।
-प्रियरंजन चौहान, क्षेत्रिय प्रबंधक हिमचाल पथ परिवहन निगम रोहडू डिपो