सांगला (किन्नौर)। बर्फबारी रुकने के बाद जिले में दुश्वारियां बरकरार हैं। जिले की करीब पांच ग्रामीण सड़कें अभी भी यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाई हैं। इससे ग्रामीणों को आवाजाही के लिए परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। जिले के छितकुल, कुन्नोचारंग, नेसंग, आसरंग, रोघी, यांग्पा और चांसू सहित अन्य ग्रामीण सड़कों पर बर्फबारी और फिसलन के चलते पथ परिवहन निगम की बसों की आवाजाही आधे रास्ते तक ही हो पाई है। हालांकि, जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से शिमला और काजा की तरफ पूह तक निगम की बसों की आवाजाही बराबर रही।
वहीं, किन्नौर में चार दिन से लगातार खराब मौसम के बाद शुक्रवार को पांचवें दिन मौसम एकदम साफ रहा। सारा दिन जिले में धूल खिली रही। चार दिन में मौसम के बदले तेवरों के कारण लोग घरों में ही दुबके रहे। वहीं, शुक्रवार को सुहावने मौसम का लोगों ने खूब आनंद लिया। शुक्रवार को जिले के कल्पा का अधिकतम 3 और न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि, प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला का अधिकतम 5.5 और न्यूनतम तापमान -4 डिग्री सेल्सियस रहा। बर्फबारी के बाद समूचे क्षेत्र में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। वहीं, पथ परिवहन निगम के कार्यवाहक क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी और कार्यवाहक अड्डा प्रभारी गोपाल सिंह नेगी ने कहा कि शुक्रवार को जिले के कल्पा, निचार, बरी, मीरू, काफनू, बड़ाकंबा, पांगी, बारंग, सांगला, कानम, रोपा, ठंगी और लिप्पा सहित जिले की कई अन्य ग्रामीण सड़कों पर निगम की बसों की आवाजाही बराबर रही। उधर, लोक निर्माण विभाग एक्सईएन पीसी नेगी ने कहा कि कल्पा, पूह और भावानगर डिविजन के तहत 106 ग्रामीण सड़कों से बर्फ को हटाकर वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया है। जिले की ठंगी चारंग, लिप्पा-आसरंग, नेसंग, छितकुल और चांसू सड़कों पर पड़ी बर्फ को हटाने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। जल्द बाधित सड़कों को बहाल कर दिया जाएगा।