ठियोग(रामपुर बुशहर)। पंचायती राज चुनावों के आते ही प्रदेश भर मेें अब राजनीति गरमाने लग गई है। वर्तमान में सत्ता में बैठे पंचायत प्रतिनिधियों के अलावा अब मैदान में उतरने को कई नेता सामने आने लगे हैं। कई स्थानों पर हुए बदलाव ने कई नेताओं की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
ऊपरी शिमला के मुख्य द्वार ठियोग में भी आगामी चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नगर परिषद के चुनाव को लेकर सरकार और प्रशासन की ओर से वार्ड क्षेत्र में बदलाव किया गया है। कई वार्डों को महिला व जाति के आधार पर आरक्षित किया गया है। धरातल पर जनता की परेशानियों को लेकर जब ठियोग नप के वार्ड नंबर एक का दौरा किया गया तो यहां बरसों पुरानी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। वार्ड को जाने के लिए मुख्यमार्ग है, जो एसडीएम कार्यालय से लेकर अदालत और तहसील कार्यालय को जोड़ता है। आम जनता के अलावा वीआईपी मूवमेंट में भी इस मार्ग का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन एक छोर से तंग राह होते हुए इस सड़क को पार करना किसी खतरे से कम नहीं। यहां दिन में कई बार जाम की स्थिति बन जाती है और व्यवस्था को जांचने के लिए यहां पुलिसकर्मी भी तैनात रहते हैं। कई हादसों के बावजूद नप और प्रशासन इस समस्या का कोई हल नहीं निकाल पाए हैं। इस सड़क को नप सुधारने में नप ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। ऐसे में सवाल उठता है कि चार-पांच सालों में विकास के नाम पर आखिर हुआ तो हुआ क्या। पहले यह वार्ड पुरुष के लिए, जबकि अब यह वार्ड महिला के लिए आरक्षित है। इस मामले को लेकर वार्ड के पार्षद से लगातार संपर्क किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उधर, नगर परिषद अध्यक्ष शीला वर्मा ने बताया कि उन्हें अध्यक्ष पद की कमान आखिरी समय में मिली है। इस सड़क को लेकर कार्य प्राथमिकता से होना था, जिसको लेकर प्रशासन से भी बात की गई थी लेकिन अब चुनाव के बाद ही कुछ हो सकता है।