सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिले के तहत आने वाली कड़छम-शौंग सड़क गड्ढों में तबदील हो चुकी है। करीब 18 किलोमीटर मार्ग पर हजारों ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। बीते लंबे समय से लोक निर्माण विभाग खस्ताहाल सड़क की सुध नहीं ले रहा है। इलाके में जल्द सेब सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में बागवानों को अपनी फसल मंडी तक पहुंचाने की चिंता सताने लगी है।
पूर्व प्रधान शौंग पंचायत भारत भूषण नेगी, मंगल चंद नेगी, गुलाब चंद नेगी, भीष्म सिंह नेगी, विन्या सिंह नेगी, वीर प्रकाश, सुखचंद नेगी, ज्ञान लाल नेगी, दलीप सिंह नेगी, मोहन सिंह नेगी और रितेश नेगी सहित कई अन्य ग्रामीणों ने कहा कि शौंग पंचायत के बस अड्डे से शौंग गांव तक छह किलोमीटर मार्ग गड्ढों में तबदील हो गया है। वहीं, मार्ग तंग होने से यहां हादसों का भी अंदेशा बना हुआ है। कहा कि अब सेब सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में क्षेत्र से लाखों सेब की पेटियों को मंडी कैसे पहुंचाया जाए, इसकी चिंता सता रही है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि सेब सीजन से पूर्व मार्ग की दयनीय दशा को सुधारा जाए।
लोक निर्माण विभाग भावानगर के एक्सईएन राहुल सूद ने कहा कि सड़क की दशा को सुधारने के प्रयास जारी हैं। शौंग गांव के ग्रामीण अपनी जमीन सड़क के लिए गिफ्ट नहीं कर रहे हैं। इसके चलते मार्ग को चौड़ा और सुधारने का काम अधर में लटका हुआ है।