रामपुर बुशहर। प्रदेश सरकार का सेब सीजन से पहले सड़कों को दुरुस्त करने का फरमान धरातल पर कहीं नजर नहीं आ रहा। सड़कों की हालत इतनी खस्ता हो गई है कि खाली वाहन ही सड़क के बीच फंस रहे हैं। बजट और ग्रामीणों की मांग के बावजूद सड़क की दयनीय हालत को सुधारा नहीं जा रहा है। इसका खामियाजा बागवानों को भुगतना पड़ रहा है।
रामपुर उपमंडल की बाहली पंचायत में सड़क के लिए सरकार ने करीब डेढ़ वर्ष पहले दस लाख की राशि रखरखाव के लिए लोक निर्माण विभाग को दी थी। हालांकि, अभी भी छह लाख रुपये की राशि विभाग के पास मौजूद है। बावजूद इसके सड़क को दुरुस्त नहीं किया जा रहा है। मार्ग कीचड़ में तबदील हो चुका है और यहां से खाली वाहन भी नहीं निकल पा रहे हैं। ऐसे में सेब से लदे वाहन मार्ग से कैसे मंडी पहुंचेंगे। यदि जल्द मार्ग की दशा को नहीं सुधारा गया तो बगीचे में ही हजारों सेब की पेटियां सड़ जाएंगी। क्षेत्र के बागवान जयसिंह ठाकुर, हीरा लाल मेहता, संजय मेहता, उषा मेहता, कंवर सिंह, बिजू चौहान और प्रेम राज कायथ ने कहा कि सड़क की दयनीय हालत होने से बागवानों को अपनी सेब की पेटियों को मंडी पहुंचाने की चिंता सताने लगी है। उन्होंने प्रदेश सरकार, प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से जल्द मार्ग को दुरुस्त करने की मांग उठाई है।
बाहली पंचायत के प्रधान विरेंद्र भलूनी ने कहा कि मार्ग पूरी तरह से दलदल में तबदील हो चुका है। सड़क की दयनीय दशा को सुधारने के लिए लोक निर्माण के अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अवगत करवाया जा चुका है। बावजूद इसके कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सड़क खस्ताहाल होने से यदि सेब की पेटियां बगीचों में ही सड़ गईं तो इसकी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की होगी। लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन एसके सोबती ने बताया कि खस्ताहाल सड़क को दुरुस्त करने के लिए विभाग नें टेंडर प्रकिया शुरू कर दी है। 15 दिन के अंदर सड़क को दुरुस्त कर दिया जाएगा।