सांगला(किन्नौर)। जनजातीय जिले की सापनी पंचायत साल 1967 में जीप योग्य सड़क से जुड़ चुकी है, लेकिन पांच दशक से भी अधिक समय बीतने के बाद भी पंचायत बस योग्य सड़क से वंचित हैं। दशकों से पंचायत के हजारों ग्रामीण बस योग्य सड़क सुविधा देने की मांग कर रहे हैं। बावजूद इसके सरकार, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ग्रामीणों की मांग को अनदेखा कर रहे हैं।
गौर हो कि किन्नौर जिले के कल्पा खंड की करीब 4000 की आबादी वाली सापनी पंचायत को जोड़ने वाली कड़छम-सापनी सड़क की हालत वर्षों से खस्ताहाल है। 8 किलोमीटर लंबी सड़क संकीर्ण है। उक्त मार्ग से सापनी पंचायत के शेनानदेन, चूलेनदेन, चौकचरा, शौनंग सहित सापनी खास के करीब चार हजार ग्रामीण लाभान्वित होते हैं। वर्ष 2013 में भारी बारिश के कारण करीब तीन किलोमीटर मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। 15 सितंबर 2017 को पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष एवं वर्तमान विधायक जगत सिंह नेगी ने इस सड़क को चौड़ा करने का शिलान्यास किया था। नाबार्ड के तहत करीब 9 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान भी किया गया था, लेकिन आज दिन तक मार्ग की हालत में कोई सुधार नहीं हो पाया है।
ग्रामीण विकास एवं स्वयंसेवी संगठन अध्यक्ष धर्मसेन नेगी, ग्रामीण महेंद्र सिंह नेगी, प्रेमनाथ नेगी, भजन लाल नेगी, छेरिंग नेगी, पूर्व प्रधान सापनी राजकुमारी नेगी, प्रेम कुमार नेगी, कमलानंद नेगी, यशवीर सिंह नेगी, इंद्र सेन सहित अन्य ग्रामीण ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से बस योग्य सड़क बनाने की मांग की है।
उधर, लोक निर्माण विभाग भावानगर के एक्सईएन राहुल सूद ने कहा कि सापनी सड़क की हालात सुधारने के लिए नाबार्ड के तहत कार्य करवाया जा रहा है। जल्द ही सड़क की हालत सुधारी जाएगी।