रामपुर बुशहर। भारी बर्फबारी के कारण नारकंडा में बाधित हुआ नेशनल हाईवे पांच सात दिन बाद भी बहाल नहीं हो पाया। बर्फबारी से बढ़ी दुश्वारियां थम नहीं रही, जिसके चलते ऊपरी शिमला में जन जीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त बना हुआ है। रामपुर उपमंडल में यातायात, बिजली और अन्य सुविधाएं चरमराई हुई हैं। रविवार को रामपुर से शिमला के लिए वाहनों को वाया धामी होकर भेजा गया। नारकंडा और बसंतपुर में भारी बर्फबारी से मार्ग बाधित पड़ा है, जिसके चलते रामपुर उपमंडल के हजारों लोगों को जिला मुख्यालय शिमला पहुंचने के लिए अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।
बीते सोमवार से हुई बर्फबारी के कारण रामपुर, ननखड़ी, 15/20, 12/20, सराहन, काशापाट और अन्य क्षेत्रों में जन जीवन अस्त व्यस्त हुआ है। अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था ठप पड़ी है, जबकि अधिकतर इलाकों में बिजली आपूर्ति की समस्या से भी लोग दो-चार हो रहे हैं। हजारों लोग कंपकंपाती ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं। रविवार को नेशनल हाईवे पांच नारकंडा में यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाया। वहीं बसंतपुर में भी बर्फ जमे होने के कारण वाहनों को वाया धामी होकर शिमला भेजा जा रहा है। बर्फबारी से रामपुर-रोहड़ू, काशापाट, देवठी, किन्नू, 15/20 क्षेत्र के अधिकतर ग्रामीण इलाकों में यातायात व्यवस्था ठप पड़ी है। परिवहन निगम के आठ रूट ठप पड़े हैं, जबकि अन्य 19 रूटों पर जहां तक संभव है, वाहनों को भेजा जा रहा है। बर्फबारी और फिसलन के चलते निगम प्रबंधन ने चालकों और परिचालकों को सुरक्षित स्थानों तक जाने के निर्देश जारी किए हैं। वहीं लोनिवि बाधित मार्गों को बहाल करने में जुटा हुआ है।
लोक निर्माण विभाग रामपुर के एक्सईएन एसके सोबती ने बताया कि बाधित मार्गों को बहाल करने का कार्य जोरों से चल रहा है। एक दर्जन मशीनें और सैकड़ों मजदूर बाधित मार्गों को बहाल करने में जुटे हैं।
परिवहन निगम रामपुर के अड्डा प्रभारी भागचंद ने बताया कि नारकंडा में एनएच बाधित होने से निगम की बसों को वाया धामी होकर शिमला भेजा जा रहा है। ग्रामीण रूटों पर संभावित स्थानों तक ही बसों को भेजा जा रहा है।