रामपुर डिपो के 17 रूट अभी भी बंद, पांच रूटों पर फंसी हैं निगम की बसें
दुर्गम क्षेत्र 15/20 और 12/20 के लोगों की नहीं थमी दुश्वारियां
बस रूट ठप होने से निगम को रोजाना साढ़े चार लाख का नुकसान
सेरीपुल में 5 अगस्त और गानवीं में 13 अगस्त से बंद पड़ी है सड़क
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर के हजारों ग्रामीणों की दुश्वारियां अभी भी थमने का नाम नहीं ले रही हैं। प्राकृतिक आपदा से मची तबाही के बाद अब तक परिवहन सेवाएं पटरी पर नहीं लौट पाई हैं। सबसे अधिक परेशानियां दुर्गम क्षेत्र 15/20 और 12/20 की 12 पंचायतों के लोगों को पेश आ रही हैं। बीते करीब दो माह से परिवहन सेवाएं ठप होने से हजारों ग्रामीण आवाजाही करने में परेशानियां झेल रहे हैं। यातायात बहाली में अभी कई माह का समय लगने वाला है।
इस साल जून से सितंबर तक भारी बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों में भारी तबाही हुई है। कई सड़कों का नामोनिशान मिट गया है, जबकि कई सड़केें भूस्खलन की चपेट में आने से बंद हो गई हैं। उपमंडल क्षेत्र की 12 पंचायतें अभी भी बस सेवाओं से महरूम हैं। दुर्गम क्षेत्र 15/20 को जोड़ने वाली सड़क गानवी में बीती 13 अगस्त को आई बाढ़ की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गई है। यहां सड़क बहाली अभी भी चुनौती बना हुआ है। यातायात व्यवस्था ठप होने के कारण गानवी, कूट, क्याव, लबाना सदाना, जघोरी, फांचा और सरपारा पंचायत को बस सेवाएं ठप पड़ी हैं। वहीं यही हाल 12/20 क्षेत्र का भी है। तकलेच-देवठी सड़क सेरीपुल के पास पांच अगस्त से बंद पड़ी है। दलदल और भूमि धंसाव की चपेट में आई सड़क बंद पड़ी है और क्षेत्र की देवठी, कूहल, मुनिश और काशापाट पंचायत का संपर्क कटा हुआ है। वहीं साथ लगती दरकाली पंचायत के ग्रामीण भी बस सेवा को तरस गए हैं। परिवहन निगम के रामपुर डिपो के 17 रूट अभी भी बंद पड़े हैं, जबकि कई रूटों पर आधे तक ही बसों को भेजा जा रहा है। कुश्वा, दरकाली, लबाना सदाना सहित पांच ग्रामीण रूटों पर बसें फंसी हुई हैं। ऐसे में हजारों ग्रामीण रोजाना आवाजाही करने में दिक्कतें झेल रहे हैं। एक ओर हजारों ग्रामीण परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर परिवहन निगम को भी रोजाना लाखों रुपये की क्षति झेलनी पड़ रही है। रूट ठप होने और बसें फंसने के कारण निगम को रोजाना साढ़े चार लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीण सड़कें बहाल होने में समय लग सकता है।
परिवहन निगम रामपुर डिपो के अड्डा प्रभारी स्वरूप दिवान ने कहा कि निगम के 17 रूट अभी भी बंद पड़े हैं। सड़कें बहाल न होने से पांच स्थानों पर बसें फंसी हुई हैं। रूट ठप होने से निगम को रोजाना करीब साढ़े चार लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है।