नेरवा। पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद बागवानों की मुश्किलें नहीं थम रही हैं। सड़कें क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों में सेब की 25 हजार पेटियां फंस गई हैं। इससे बागवानों की चिंता बढ़ गई है। बदहाल सड़कों पर वाहन ले जाने को कोई तैयार नहीं है। इससे बागवानों को सेब मंडियों तक पहुंचाने में परेशानी हो रही है।
ग्राम पंचायत मुंडली के प्रधान बलवीर शर्मा ने बताया कि सड़क जगह-जगह से गड्ढों में तबदील हो चुकी है। दलदल होने के कारण कोई भी वाहन यहां लाने को तैयार नहीं हो रहा है। इससे सेब फंस गया है। सड़क की बदहाली के कारण पिछले पांच दिन में यहां पांच वाहन पलट चुके हैं। नावी में एचआरटीसी की बस 13 अगस्त से फंसी है। लोगों को यातायात की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है।
इलाके के विजय, देवेंद्र, संदीप, जय लाल, मस्त राम, कमल शास्त्री, लच्छम सिंह, लच्छी राम शर्मा और विजय बघाईक ने बताया कि टिपरोग, भूट, खेंचना, कोटि, मुंढोंचली, मिन्धा, मुंडली, धनाड़ा, सुदाना, नावी, डुंगलेच, चौंरीधार, मांदलधार, चङगुली और औली में 25 हजार से अधिक सेब की पेटियां मंडियों में जाने के लिए तैयार हैं। सड़क खराब होने की वजह से बागवानों को गाड़ियां नहीं मिल रही हैं। इससे सेब के सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। अलग-अलग सड़कों पर करीब पांच हजार सेब की पेटियां सड़ भी चुकी हैं। बागवानों ने सरकार से मांग की है कि कुठाड़-नावी-भूट सड़क पर मशीनें लगाकर इस शीघ्र ठीक किया जाए। लोक निर्माण उप मंडल नेरवा के एसडीओ योगेश शर्मा ने कहा कि सड़क को खोलने का कार्य प्रगति पर है। जल्द ही सड़क को बहाल कर दिया जाएगा।