भूस्खलन का खतरा अभी भी बरकरार, छोटे वाहनों में जोखिम में हो रहा सफर
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर की 12/20 घाटी को जोड़ने वाली शील-परोग सड़क लगातार भूस्खलन की चपेट में है। इसके चलते सड़क पर बस सेवा पूरी तरह ठप है। सैकड़ों ग्रामीण, बागवान और दुग्ध उत्पादक आवाजाही में परेशानियों का सामना कर रहे हैं। छोटे वाहनों के लिए यातायात बहाल कर दिया गया है, लेकिन सड़क दलदल में बदल गई है। भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है, जिससे सफर जोखिम भरा हो गया है। बारिश के कारण देवठी पंचायत के शील-परोग में भूस्खलन का सिलसिला थम नहीं रहा है। घाटी में सेब का सीजन शुरू हो चुका है, जिससे बागवानों की चिंता बढ़ गई है। यदि भूस्खलन जारी रहा तो सेब की पेटियों को मंडियों तक पहुंचाना मुश्किल होगा। लोक निर्माण विभाग की मशीनरी सड़क को बहाल करने में जुटी हुई है। विभाग जल्द ही बड़े वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है।
सैकड़ों ग्रामीणों, बागवानों और दुग्ध उत्पादकों को आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं। सेब सीजन शुरू होने से उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं। सेब की पेटियों को समय पर मंडियों तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। यदि सड़क जल्द ठीक नहीं हुई तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कोट
लोक निर्माण विभाग तकलेच के सहायक अभियंता गोवर्धन शर्मा ने बताया कि मार्ग को बहाल करने के लिए मशीनें लगातार काम कर रही हैं। सड़क के ऊपर से लगातार भूस्खलन हो रहा है और दलदल है। छोटे वाहनों के लिए सड़क खोल दी गई है और बड़े वाहनों की आवाजाही भी जल्द सुनिश्चित की जाएगी।