रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल में जुलाई में हुई भारी बारिश से कई सड़कें अवरुद्ध होने से दर्जनों ग्रामीण रूट एक माह बाद भी यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाए हैं। ऐसे में हजारों लोगों को अभी भी आवाजाही करने में काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। उपमंडल के करीब दो दर्जन ग्रामीण रूट अब भी आवाजाही के लिए ठप पड़े हैं, जबकि रामपुर और आनी में निगम की 12 बसें फंसी हुई हैं। इसके कारण परिवहन निगम को हर रोज करीब दो लाख रुपये नुकसान उठाना पड़ रहा है। निगम को अभी तक 6 करोड़ रुपये तक नुकसान हुआ है। उपमंडल में परिवहन सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है, लेकिन अभी भी हजारों लोगों की परेशानियां बढ़ी हुई हैं। उपमंडल रामपुर के अधिकांश ग्रामीण रूट अभी भी यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाए हैं, जिस कारण हजारों लोगों को आवाजाही करने में परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीण इलाकों में सड़कें बंद होने से गानवी, शोली, देवठी, मुनीष, दरकाली, रोहडू, चकलोट और सराहर में बसें फंसी हुई हैं। परिवहन सेवाएं ठप होने के कारण निगम प्रबंधन को रोजाना लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। अब सड़कों के बहाल होते ही ग्रामीणों को राहत मिल पाएगी। परिवहन निगम रामपुर के अड्डा प्रभारी राजेंद्र पाल ने बताया कि रामपुर उपमंडल के दो दर्जन से अधिक ग्रामीण रूट अब भी बसों की आवाजाही के लिए ठप पड़े हैं, जबकि रामपुर और आनी में 12 बसें सड़कें बाधित होने के कारण फंसी हुई हैं। रूटों पर संभावित स्थानों तक बसों को भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि रामपुर से शिमला और किन्नौर की ओर निगम की बसों की बराबर आवाजाही हो रही है।