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किन्नौर की 31 सड़कों पर चौथे दिन भी यातायात ठप

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किन्नौर जिले में बर्फ को हटाने में जुटी लोक निर्माण विभाग की जेसीबी। - फोटो : RAMPUR-HP
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सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में बर्फबारी के चौथे दिन बाद भी जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है। जिले की अधिकांश ग्रामीण सड़कों पर पथ परिवहन निगम की बसों की आवाजाही ठप पड़ी है। जिले में पारा -7 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे पहुंच गया है। ऐसे में ग्रामीणों की दुश्वारियां और बढ़ गई हैं। क्षेत्र में शीतलहर का प्रकोप बना हुआ है। इसके चलते लोग कंपकंपाती ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं।
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जिले की 31 सड़कें चौथे दिन भी यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाई हैं। ऐसे में किन्नौर जिले के कल्पा, पूह और निचार खंडों के हजारों ग्रामीण असुविधाएं झेल रहे हैं। लोगों को अपनी जरूरत की सामग्री की खरीदारी करने के लिए आवाजाही की व्यवस्था न होने के कारण परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। शुक्रवार को पर्यटन स्थल कल्पा का अधिकतम तापमान 3.6 और न्यूनतम तापमान माइनस 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, पर्यटन स्थल सांगला का अधिकतम तापमान 4.7 और न्यूनतम तापमान माइनस 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ से पूह और शिमला की ओर निगम की बसों की बराबर आवाजाही रही। लोक निर्माण विभाग ने कल्पा डिविजन में 41 बंद पड़ी सड़कों में से 24 बहाल कर दी हैं, जबकि 17 सड़कों को बहाल करने का कार्य चल रहा है। वहीं, भावानगर मंडल की 25 सड़कों में से 11 बहाल हो गई हैं, जबकि 14 पर पड़ी भारी बर्फ हटाना विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है।
लोक निर्माण विभाग कल्पा के एक्सईएन पीसी नेगी और एक्सईएन भावानगर राहुल सूद ने कहा कि 31 बंद सड़कों को बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। मार्ग बहाली के लिए 22 जेसीबी मशीनें और मजदूर तैनात किए गए हैं। जल्द सभी मार्ग यातायात के लिए बहाल कर दिए जाएंगे।
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परिवहन निगम रिकांगपिओ के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रेम कश्यप और अड्डा प्रभारी खीमी राम ठाकुर ने बताया कि बर्फबारी और फिसलन के कारण अधिकांश ग्रामीण सड़कों पर भेजना खतरे से खाली नहीं है। लोगों की समस्याओं को देखते हुए संभव स्थानों तक बसों को भेजा जा रहा है।
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