किन्नौर जिले के बटसेरी गांव में ताजा बर्फबारी के दौरान गंतव्य की ओर जाते लोग।
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रामपुर बुशहर/सांगला। ऊपरी क्षेत्रों में एक बार फिर से बर्फबारी होने से समूचा किन्नौर और रामपुर कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गया है। किन्नौर जिले के छितकुल, रक्षम, नाको, आसरंग और अन्य ऊपरी क्षेत्रों में एक से लेकर दो फीट तक बर्फबारी हुई है। ऊपरी हिमाचल में यातायात, बिजली और अन्य सुविधाएं बर्फबारी के कारण चरमरा गई हैं। सोमवार को भी किन्नौर और रामपुर क्षेत्र से शिमला के लिए वाहनों की आवाजाही वाया बंसतपुर भेजा जा रहा है। आठ दिन बाद भी नारकंडा में नेशनल हाईवे पांच भारी बर्फबारी के कारण यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाया है, वहीं बर्फबारी के कारण रामपुर, ननखड़ी और आसपास के क्षेत्रों में जनजीवन अस्तव्यस्त हुआ है।
क्षेत्र में जहां यातायात व्यवस्था चरमरा गई है, वहीं कई इलाकों में आठ दिन बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। ऐसे में लोगों को कंपकंपाती ठंड में ठिठुरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बर्फबारी से बाधित हुआ नेशनल हाईवे पांच नारकंडा में बहाल नहीं हो पाया। वहीं रामपुर से रोहड़ू मार्ग पर बाहली और सुंगरी में भारी बर्फबारी हुई है, जिस कारण रोहडू जाने वाले लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। सड़कों पर बर्फ और फिसलन के कारण हादसे होने की भी आशंका बनी हुई है। लोक निर्माण विभाग की एक दर्जन मशीनें और सैकड़ों मजदूर बाधित मार्गों को बहाल करने में जुटे हुए हैं।
लोक निर्माण विभाग रामपुर के अधिशासी अभियंता एसके सोबती के अनुसार बाधित मार्गों को बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। एक दर्जन मशीनें और सैकड़ों मजदूर बर्फबारी से बाधित मार्गों को बहाल करने में जुटे हैं। जल्द ही सभी सड़कों को बहाल कर दिया जाएगा। वहीं एसडीएम रामपुर नरेंद्र चौहान के अनुसार बाधित सड़कें और बिजली व्यवस्था को जल्द दुरुस्त कर दिया जाएगा।