. यह रोग सेब की गुणवत्ता को बुरी तरह प्रभावित कर उचित दाम मिलने में डालता है बाधा
.रोग की रोकथाम के लिए बागवान इन दिनों बगीचे में करें दवा का छिड़काव
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। क्षेत्र में लगातार बारिश और समय से पहले पतझड़ के कारण सेब पर फ्लाई स्पेक और सुटी ब्लॉच रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। बागवानी विशेषज्ञों ने बागवानों को इस रोग की रोकथाम के लिए तत्काल उपाय करने की सलाह दी है। यह रोग सेब की गुणवत्ता को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। यह रोग नमी वाले क्षेत्रों में अधिक तेजी से फैलता है। इसके फैलने से सेब की गुणवत्ता पूरी तरह खराब हो जाती है। इससे बागवानों को मंडियों में सेब के उचित दाम नहीं मिल पाते हैं। उद्यान विभाग के विषय वाद विशेषज्ञ संजय कुमार ने बताया कि लगातार बारिश और बगीचे में समय से पहले पतझड़ होने से रोग के फैलने का जोखिम बढ़ जाता है। उन्होंने बागवानों को समय रहते एहतियात बरतने की सलाह दी है। संजय कुमार ने कहा कि फ्लाई स्पेक और सुटी ब्लॉच रोग की रोकथाम के लिए बागवान इन दिनों बगीचे में छिड़काव कर सकते हैं। इसके लिए कैप्टान 600 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी और जीरम 600 ग्राम प्रति 200 लीटर पानी का उपयोग किया जा सकता है। समय पर रोकथाम से फसल को बचाया जा सकता है। लगातार बारिश और समय से पहले पतझड़ इस रोग के मुख्य कारण हैं। यह रोग विशेष रूप से नमी वाले वातावरण में तेजी से फैलता है। फ्लाई स्पेक और सुटी ब्लॉच सेब की बाहरी सतह पर धब्बे पैदा करते हैं। इससे फल की बाजार में मांग घट जाती है और बागवानों को आर्थिक नुकसान होता है। गुणवत्ता खराब होने से सेब के उचित दाम नहीं मिल पाते हैं।