नाचते-गाते मेला मैदान पहुंचे क्षेत्र के तीन आराध्य देवता साहिब और देवलू
. दो दिन में ढोल नगाड़ों की थाप पर डालेंगे पारंपरिक नाटी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
उपमंडल रामपुर के गौरा में तीन दिवसीय ऐतिहासिक मेले का शुभारंभ रविवार को देवताओं के आगमन के साथ हुआ। देवता साहिब महारुद्र काजल गसो, दत्त महाराज बसाहरा और जाहरू नाग शनेरी देवता साहिब लाव-लश्कर के साथ नाचते-गाते मेला मैदान गौरा पहुंचे। यहां स्थानीय लोगों ने देवताओं को स्वागत किया। इस दौरान देवताओं को मिलन और शोभायात्रा आकर्षण रहीं। सोमवार और मंगलवार को मेले में दिनभर नाटियों का दौर चलेगा। ढोल-नगाड़ों की थाप पर ग्रामीणों के साथ देवलू पारंपरिक नाटी डालेंगे। तीनों देवता कारकूनों के साथ अगले दो दिन सुबह से शाम तक ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमेंगे। गौरा निवासी निखिल चौहान ने कहा कि मेले हमारी समृद्ध संस्कृति के परिचायक हैं। भावी पीढ़ी को संस्कृति संजोने का संदेश दिया जाएगा।