. जिला योजना एवं 20 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत विकास कार्यों की हुई समीक्षा
. बजट का प्रभावी उपयोग कर कार्यों में लाएं तेजी, गुणवत्ता का रखे विशेष ध्यान : जगत सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)।
जिला योजना एवं जिला स्तरीय 20 सूत्रीय कार्यक्रम समिति की बैठक मंगलवार को रिकांगपिओ में हुई। बैठक की अध्यक्षता राजस्व एवं बागवानी मंत्री एवं समिति के अध्यक्ष जगत सिंह नेगी ने की। बैठक में गैर सरकारी सदस्यों से विभिन्न विकास कार्यों से जुड़े लगभग 110 नए मद प्राप्त हुए। राजस्व मंत्री ने संबंधित विभागों को इन सभी मदों पर 15 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि भविष्य में पेयजल एवं अन्य योजनाओं के तहत केवल प्री-फैब टैंकों का ही निर्माण किया जाए बैठक में पिछली बैठक के दौरान जिला योजना एवं जिला स्तरीय 20 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत प्राप्त 124 मदों पर समीक्षा की गई। राजस्व मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला योजना के तहत स्वीकृत विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन विकास कार्यों के लिए बजट का प्रावधान किया गया है, उसका प्रभावी उपयोग करते हुए कार्यों में तेजी लाई जाए और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने 20 सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न विभागों की ओर से निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना विभागों की प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में 20 सूत्रीय कार्यक्रम के 20 बिंदुओं, जिनमें गरीबी हटाओ, जन शक्ति, किसान मित्र, श्रमिक कल्याण, खाद्य सुरक्षा, सबके लिए आवास, शुद्ध पेयजल, जन-जन का स्वास्थ्य, सबके लिए शिक्षा, अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक एवं अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण, महिला कल्याण, बाल कल्याण, युवा विकास, बस्ती सुधार, पर्यावरण संरक्षण एवं वन वृद्धि, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण सड़क, ग्रामीण ऊर्जा, पिछड़ा क्षेत्र विकास और ई-शासन से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
मंत्री ने जल शक्ति विभाग को ज्ञाबूंग में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करें और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं की नियमित निगरानी से कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जा सकती है।
अंतिम संस्कार क्रिया-कर्म के लिए लकड़ी उपलब्ध नहीं करवाई जाएगी
जनजातीय विकास मंत्री ने बैठक में अवगत करवाया कि जिले में किसी व्यक्ति की मृत्यु के उपरांत अंतिम संस्कार और क्रिया-कर्म के लिए वन विभाग की ओर से कोई पेड़ उपलब्ध नहीं करवाया जाएगा। इसके स्थान पर संबंधित व्यक्ति के परिवार को लकड़ी के डिपो से लकड़ी और एलपीजी गैस उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जाएगी। इस मौके पर उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा, परियोजना अधिकारी एकीकृत जनजातीय विकास घनश्याम दास, उप अरण्यपाल वन मंडल अरविंद कुमार, डीएसपी उमेश्वर राणा सहित गैर सरकारी सदस्य और विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।