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सीमावर्ती क्षेत्रों में महिला सशक्तीकरण को दिया जा रहा बढ़ावा : डॉ. प्रमोद

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कृषि विज्ञान केंद्र किन्नौर में आयोजित बैठक में मौजूद अधिकारी और बागवानी विशेषज्ञ। संवाद
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कृषि विज्ञान केंद्र रिकांगपिओ वैज्ञानिक सलाहकार समिति की समीक्षा बैठक में कई मुद्दों पर मंथन
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संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है और महिला बागवानों को सेब के बगीचों के रखरखाव पर जागरूक किया जा रहा है। यह बात उद्यान अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान शारबो के वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार ने बैठक में कही। उन्होंने कहा कि समय-समय पर पंचायत स्तर पर प्रसार सेवाओं के माध्यम से जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं। प्रूनिंग का प्रशिक्षण, कीट प्रबंधन, जैविक खाद, स्प्रे शेड्यूल व वैश्विक प्रतिस्पर्धा के युग में नवीनतम तकनीकों व विपणन पर जानकारी दी जा रही है, ताकि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके। कृषि विज्ञान केंद्र रिकांगपिओ में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसकी वर्चुअल माध्यम से डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के उप कुलपति डॉ. राजेश्वर चंदेल ने अध्यक्षता की। बैठक में सीडलिंग आधारित स्वदेशी किस्मों को सरकारी नर्सरी में बढ़ावा देने पर बल दिया, ताकि जलवायु परिवर्तन के दौर में कृषि प्रयोगशाला का ज्ञान स्थानीय समुदायों तक पहुंचे और उनके जीवन स्तर में सुधार संभव हो सके। इस अवसर पर आधुनिक उपकरणों, नवीनतम तकनीक एवं वित्तीय अनुदान सहायता पर प्रचार-प्रसार सामग्री की प्रदर्शनी भी लगाई गई, ताकि स्थानीय किसानों को वर्तमान राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही बागवान हितैषी योजनाओं के संदर्भ में जागरूक किया जा सके।

कृषि विज्ञान केंद्र किन्नौर में आयोजित बैठक में मौजूद अधिकारी और बागवानी विशेषज्ञ। संवाद

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