स्वर्ग प्रवास से लौटे देवता पल्थान के गुर साल भर होने वोले घटना के बारे में बताते हुए। संवाद
स्वर्ग प्रवास से लौटे देवता साहिब पल्थान, गूर के माध्यम से सुनाया फलादेश
आराध्य देवता के दर्शनों को सुबह से मंदिरों में लगा रहा श्रद्धालुओं का तांता, ढोल-नगाड़ों से किया स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
ननखड़ी (रामपुर बुशहर)। इस साल क्षेत्र में सूखे की स्थिति बनेगी और बर्फबारी के आसार भी कम हैं। नकदी फसलों का उत्पादन भी कम होगा। मंगलवार को स्वर्ग प्रवास से लौटे देवता साहिब पल्थान ने अपने मंदिर में गूर के माध्यम से यह वर्षभर का फलादेश सुनाया। गौर हो कि मकर संक्रांति पर ऊपरी शिमला के देवी-देवता स्वर्ग प्रवास पर निकले थे। इनमें से कुछ देवी-देवता 15 दिन के अंदर अपने देवालय लौटते हैं, जबकि अधिकांश देवी-देवता एक माह बाद फाल्गुन संक्रांति को अपने मंदिर में प्रवेश करते हैं। मंदिर लौटने पर देवी-देवता अपने गूर के माध्यम से वर्षभर का अच्छा-बुरा फलादेश सुनाते हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को देवता साहिब पल्थान देलठ भी अपने मंदिर लौटे। सुबह से ही मंदिर प्रांगण में अपने आराध्य देवता के दर्शनों और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों से अपने आराध्य देवता साहिब का स्वागत किया और जयकारे लगाए। ग्रामीणों ने देवता साहिब पल्थान का आशीर्वाद प्राप्त किया और क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना की। देवता साहिब के आगमन पर मंदिर कमेटी की ओर से भंडारे का आयोजन भी किया गया। हजारों लोगों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर कारदार बृज लाल, प्रकाश चंद, चंदा राम, रवि कुमार, बिजाराम, गोवर्धन सिंह, नरेश गौतम, कुंदन भारद्वाज, कौल राम, महेंद्र सिंह मेहता और राकेश मेहता सहित कई अन्य मौजूद रहे।
स्वर्ग प्रवास से लौटे देवता पल्थान के गुर साल भर होने वोले घटना के बारे में बताते हुए। संवाद