सीमा सड़क संगठन 30 करोड़ रुपये से 41 किलोमीटर सड़क को करेगा चकाचक
सांगला वैली की 11 पंचायतों और देश-विदेश के पर्यटकों को मिलेगी बेहतर सुविधा
एक दशक से खस्ताहाल सड़क की मार झेल रहे हजारों ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला(किन्नौर)। किन्नौर जिले के सीमावर्ती सांगला वैली के ग्रामीणों को अब लंबे इंतजार के बाद राहत मिलने जा रही है। करीब एक दशक से खस्ताहाल कड़छम-सांगला-छितकुल सड़क से जूझ रहे लोगों को राहत मिलने वाली है। सीमा सड़क संगठन ने सड़क का कायाकल्प शुरू कर दिया है। इस परियोजना पर करीब 30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे 41 किलोमीटर लंबी सड़क़ की स्थिति सुधारी जाएगी।
यह सड़क तिब्बत सीमा को जोड़ती है। यह सांगला वैली की 11 पंचायतों के हजारों ग्रामीणों के साथ-साथ सीमा पर तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और भारतीय सेना के लिए भी बेहद अहम है। इसके अलावा सांगला और छितकुल जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को भी अब बेहतर सफर सुविधा मिल सकेगी।
गौरतलब है कि बीते वर्ष जनवरी में इस सड़क का अधिग्रहण लोक निर्माण विभाग से सीमा सड़क संगठन ने किया था। इसके बाद से क्षेत्र के लोगों को सड़क सुधार की उम्मीद जगी थी। वर्तमान में सड़क चौड़ीकरण, पहाड़ी कटिंग और सोलिंग का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। आगामी चरण में मेटलिंग, टारिंग, जल निकासी नालियों का निर्माण और क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे।
सड़क की हालत सुधरने से न केवल हादसों में कमी आएगी, बल्कि क्षेत्र की आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी। सेब, मटर, आलू जैसी नकदी फसलों को मंडियों तक पहुंचाने में अब बागवानों और किसानों को राहत मिलेगी। सीमा सड़क संगठन के ओसी पोवारी अक्षय दुबे ने बताया कि सड़क सुधार कार्य शुरू कर दिया गया है। इसे इस वर्ष नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से सड़क का कायाकल्प किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी।