भावानगर (किन्नौर)। भावानगर में रावण के पुतले का दहन कर दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया। रामलीला मंचन के आखिरी दिन श्रीराम और रावण का युद्ध हुआ, जिसमें भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर बुराई पर अच्छाई से जीत का संदेश दिया। राम लीला मंचन के कलाकारों ने कला मंच से लेकर तरांडा माता मंदिर तक झांकी निकाली। तरांडा माता मंदिर में माथा टेका। झांकी में भगवान श्रीराम की टोली में लक्ष्मण, हनुमान, सुग्रीव और अंगद समेत वानर सेना शामिल रही, जबकि रावण की टोली में मेघनाद, कुंभकर्ण और राक्षस की टोली शामिल रही। रामलीला मंचन से जुड़े सभी कलाकारों ने बिजली बोर्ड के कला मंच में एकत्रित होकर जय श्रीराम के नारे लगाते हुए झांकी निकाली। भावानगर स्थानीय बाजार, सोल्डिंग, लुतुक्सा, डेट सुंगरा में लोगों ने झांकी में प्रभु श्रीराम के दर्शन किए और आशीर्वाद हासिल किया। जैसे ही झांकी वापस कला मंच में लौटी तो फिर श्रीराम और रावण में युद्ध हुआ और प्रभु श्रीराम ने रावण का वध किया। इसके बाद रावण का दहन किया गया। श्री सनातन धर्म सभा के निदेेशक संजय चौहान ने कहा कि सभी कलाकारों और जिन लोगों ने इस परंपरा को 47 साल से जीवित रखने में अपना योगदान दिया है, उन सभी को सम्मानित करने के लिए शुक्रवार को कला मंच में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत होंगे।