श्रद्धालुओं को स्नान की पर्याप्त व्यवस्था न होने से महिलाओं को झेलनी पड़ी परेशानी, धार्मिक पर्यटन स्थल अनदेखी का शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। शिमला जिले के रामपुर उपमंडल स्थित ज्यूरी के उन्नू महादेव तीर्थ में मकर संक्रांति के पर्व पर गर्म पानी के प्राकृतिक स्रोत में हजारों श्रद्धालुओं ने रविवार को आस्था की डुबकी लगाई। उन्नू महादेव में श्रद्धालु सुबह पांच बजे से आना शुरु हुए और देर शाम तक प्राकृतिक चश्मों में स्नान करने का सिलसिला चलता रहा। गौर हो कि मकर संक्रांति के दिन हजारों श्रद्धालु यहां दूर-दूर से स्नान करने के लिए पहुंचे है लेकिन इस बार बरसात से नुकसान के बाद श्रद्धालुओं को काफी असुविधाएं झेलनी पड़ी। उन्नू महादेव में बरसात में भूस्खलन के कारण गर्म पानी के स्रोत को भी काफी नुकसान हुआ है। वहीं कुंड और नहाने की व्यवस्था खराब होने के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद सरकार प्राकृतिक गर्म पानी के स्रोत और लोगों की आस्था के केंद्र उन्नू महादेव की सुध लेने को तैयार नहीं है। क्षेत्र के शाह सहित अन्य क्षेत्रों से आए श्रद्धालु चंद्र प्रभा रोल्टा, हेमा देवी, शकुंतला, राधा देवी, संतोष, मदन, मंगत राम, अनिता, रंजना और पुष्पा ने बताया कि महिलाओं को स्नान करने के लिए पर्याप्त स्नानागार की व्यवस्था नहीं है, जो है उसकी हालत भी जर्जर है। गर्म पानी का स्रोत क्षतिग्रस्त होने के कारण यहां निकलने वाला पानी भी कम हो गया है। सरकार को यहां खस्ताहाल स्नानागार को दुरुस्त करना चाहिए और नए स्नानागार का निर्माण करवाना चाहिए, जिससे महिलाओं को भी स्नान की सुविधा मिल सके। उन्नू महादेव को प्रदेश सरकार पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित कर सकती है। गर्म पानी का यह प्राकृतिक स्रोत नेशनल हाईवे पांच में स्थित होने के कारण किन्नौर, स्पीति और सराहन आने जाने वाले पर्यटक यहां गर्म पानी में स्नान करने के लिए रुकते हैं लेकिन यहां व्यवस्था अच्छी न होने के कारण वो यहां स्नान नहीं कर पाते। वहीं उन्नू महादेव के महंत बाबा मस्त गिरी ने बताया कि सरकार ने जलशक्ति विभाग के माध्यम से डेढ़ दशक पूर्व दो कुंड स्नानागार का निर्माण करवाया है। भारी बरसात के कारण यहां बने कुंडों को क्षति पहुंची है लेकिन मरम्मत के लिए अभी तक कोई राशि उपलब्ध नहीं हो पाई है।