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Rampur Bushahar News: चेतावनी के बावजूद बागवान जला रहे टहनियां, बढ़ा वायु प्रदूषण

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नेरवा में प्रशासन के निर्देशों के बावजूद बागवान नहीं कर रहे नियमों का पालन
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संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। प्रशासन की चेतावनी के बाद भी नेरवा क्षेत्र में सेब की टहनियों को जलाने का सिलसिला कम नहीं हुआ है। बागवान सेब के पौधों की प्रूनिंग (काटछांट) के बाद निकलने वाली टहनियों को जलाने पर सरकार के प्रतिबंध के बाद भी खूब जला रहे हैं। वहीं प्रशासन ने चेतावनी दी है कि कोई भी बागवान टहनियां जलाता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से प्रतिवर्ष इसकी अधिसूचना जारी की जाती है। इस वर्ष भी पंचायत प्रधानों को भी पत्र भेजकर इस संदर्भ में लोगों को जागरूक करने के निर्देश प्रदान किए जा चुके हैं। प्रशासन की कवायद महज एक औपचारिकता बनकर रह गई है। हर वर्ष चेतावनी जारी करके अपनी औपचारिकताएं निभाकर खानापूर्ति की जाती है जबकि किसी के खिलाफ सरकार कार्रवाई नहीं करती है। आमतौर पर दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में बागवान सेब के पौधों की काटछांट करनी शुरू कर देते हैं। काटछांट के बाद निकली सेब की कटी टहनियों और पतों को बगीचों में ही जला देते हैं। टहनियों और पत्तों के जलने से उठने वाले धुएं से आम लोगों की स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां बढ़ती है। खासकर अस्थमा (सांस )के रोगियों को सबसे अधिक दिक्कत झेलनी पड़ती है। वायु प्रदूषण फैलने से इसका असर पर्यावरण पर भी पड़ता है। इसके चलते बर्फबारी और बारिश की संभावना कम हो जाती है। पर्यावरण प्रेमी सरकार से मांग कर रहे कि सेब की टहनियों को जलाने से रोकने और जंगलों में आग लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया जाए। उन्होंने कहा अगर इस प्रकार धुआं उठता रहा तो प्रशासन की पहल एक औपचारिकता बनकर रह जाएगी।
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