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Rampur Bushahar News: बर्फबारी से किसानों और बागवानों को राहत, अच्छी फसल की जगी उम्मीद

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सेब के पौधों को बीमारियों से मिलेगी निजात, नए पौधे रोपने का कार्य शुरू कर सकते हैं बागवान
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संवाद न्यूज एजेंसी

रोहड़ू। इस साल सर्दियों के पहले भारी हिमपात से किसान और बागवानों को बड़ी राहत मिली है। विशेषज्ञों ने बागवानों को मौसम खुलते ही बगीचों के प्रबंधन और नए पौधे रोपने का कार्य शुरू करने की सलाह दी है। हिमपात और बारिश से तापमान कम होने से वूली एफिड, माइट और कैंकर जैसे रोगों से भी पौधों को निजात मिलेगी। जमीन में पर्याप्त नमी होने से सेब की अच्छी फसल की उम्मीद भी बागवानों में जगी है। इस साल सर्दियों में अभी तक बीते सालों की तुलना बहुत कम हिमपात हुआ था लेकिन मार्च में मौसम में करवट बदली और पिछले तीन दिनों से ऊंचाई और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम खुलने के बाद बागवान तौलियों से सूखी घास निकालकर तौलियों में मल्चिंग का काम शुरू कर सकते हैं। बागवानी विशेषज्ञ एवं पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डाॅ नरेंद्र कायथ का कहना है कि जिन बागवानों ने पेड़ों पर चूने और नीले थोथे का लेप नहीं लगाया है, वह भी यह काम पूरा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सेब के नए पौधे लगाने और बगीचों में मौसम खुलने के बाद ग्राफ्टिंग का काम भी शुरू कर सकते हैं। उन्होंने कहा अब नए पौधे रोपने के लिए मौसम व उपयुक्त नमी है। सेब और अन्य फलों की किस्म का चयन विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही बागवान करें। सेब बगीचों में तौलिया बनाकर खाद-गोबर डालने का कार्य ताजा बर्फबारी-बारिश के बाद कर सकते हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार किसान खेतों में मटर और अन्य बेमाैसमी सब्जियों की बिजाई का काम शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा जहां पर सब्जी की पौध तैयार हो चुकी वे किसान मौसम खुलने के बाद पौधों की रोपाई भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस बारिश से फसलों में खास कर गेंहू काे संजीवनी मिली है।
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