भावानगर (किन्नौर)। किन्नौर जिले के शोरंग में निर्मित 100 मेगावाट जल विद्युत परियोजना के प्रभावित पंचायतों के 36 भूमिहीनों को रोजगार दिया जाएगा। वहीं परियोजना निर्माण के लिए भूमि दान करने वाले 103 लोगों को 35,00 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी। इसके अलावा एक बीघा से अधिक भूमि देने वालों एक लाख दस हजार रुपये, जबकि एक बीघा से कम भूमि देने वालों को एक लाख रुपये आरएंडआर पॉलिसी के तहत मिलेंगे। वहीं बीते तीन दिनों से चल रहा परियोजना प्रभावितों का प्रदर्शन कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया है। मंत्री ने परियोजना प्रबंधन को प्रभावितों की मांगों को पूरा करने के निर्देश दिए।
गौर हो कि शोरंग पंचायत से प्रभावित पांच पंचायतों के ग्रामीण बीते 19 जून से परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन पर बैठे थे। बुधवार को भावानगर पहुंचे राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री से प्रभावित मिले और मांगों से अवगत कराया। मंत्री ने शोरंग परियोजना प्रबंधन को प्रभावितों की मांगों को निश्चित रूप से पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्थानीय 36 लैंड लूजरों को पांच जुलाई से पहले एचएसपीपीएल में रोजगार देने, 103 बेरोजगार युवाओं को एक माह में दो किस्तों में 35,00 रुपये पेंशन देने, आरएंडआर के तहत भूमि मालिकों को मुआवजे के एवज में एक बीघा से अधिक भूमि वालों को एक लाख दस हजार और एक बीघा से कम भूमि वालों को एक लाख रुपये की राशि देने के निर्देश दिए। परियोजना प्रबंधन ने मंत्री को प्रभावितों की जायज मांगों को पूरा करने की बात मान ली है।
पंचायत प्रधान रूपी रामेश्वर नेगी, प्रधान बड़ा कंबा मोनिका नेगी, प्रधान चौरा विजय नेगी, ग्रामीण राज कुमार, विनोद खोजान, ठाकुर भगत, जय पाल सहित अन्य प्रभावितों ने मांगों पर सहमति बनने के बाद मंत्री जगत सिंह नेगी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मंत्री के निर्देशों के बाद परियोजना के पावर हाऊस के बाहर चल रहा प्रदर्शन समाप्त कर लिया गया है।