रामपुर बुशहर। मानसून की बारिश ने जिले में खूब कहर बरपाया है। लगातार हो रही बारिश से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। बरसात के कारण नेशनल हाईवे पांच सहित विभिन्न सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा है। रामपुर, कुमारसैन, आनी और निरमंड उपमंडल की दर्जनों सडक़ें भूस्खलन और डंगे गिरने से बाधित हो गई हैं।
इस कारण अधिकतर ग्रामीण सडृकों पर वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी है। इस वजह से बुधवार को परिवहन निगम की 52 बसें मार्ग अवरूद्ध होने के कारण फंस गई हैं। हालांकि शिमला और किन्नौर के लिए वाहनों की बराबर आवाजाही हो रही है। ननखड़ी तहसील की विभिन्न सड़कों को करीब सात करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है। भारी बरसात के कारण रामपुर, कुमारसैन, आनी और निरमंड उपमंडल की दर्जनों सड़कें अवरूद्ध हैं। खस्ताहाल सड़कों पर बुधवार को परिवहन निगम रामपुर डिपो की 52 बसें फंसी रही। हालांकि 74 रूटों पर निगम की बसों की आवाजाही नहीं हो पाई है।
क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण हजारों लोगों को आवाजाही में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। बारिश के कारण रामपुर, आनी और निरमंड के ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कों की हालत खस्ता हो गई है। मंगलवार को भी एचआरटीसी रामपुर डिपो से अधिकतर ग्रामीण रूटों पर निगम की बसों की आवाजाही नहीं हो पाई है। जघोरी, किन्फी, लबाना, खरगा, कुश्वा, धारा सरगा, सरपारा, शरशाह, नित्थर, उच्ची, जराशी, मझाली, देवठी, दरकाली, सुरड़बंगला, टिक्कर खमाड़ी, छलांण, शोली, झिझंणु, खमाड़ी, करांगला, खोलीघाट, प्रेमनगर, चमोला, बनोट सड़क भूस्खलन और डंगे ढहने से बाधित हो गई है। रामपुर से रोहड़ू वाया तकलेच मार्ग चार दिन से बंद हैं।
वहीं वाया भद्राश- रोहड़ू मार्ग पलजारा के पास क्षतिग्रस्त हो गया है। इस कारण इस रूट पर सवारियों को ट्रांसमिट कर भेजा जा रहा है। परिवहन निगम रामपुर डिपो के अड्डा प्रभारी स्वरूप दिवान ने बताया कि बुधवार को रामपुर कुमारसैन, आनी और निरमंड उपमंडल के 52 स्थानों पर निगम की बसें फंसी रहीं। तीन दिन के बाद रामपुर से किन्नौर की ओर बस सेवाएं शुरू हुई, जबकि शिमला की ओर निगम की बसों की बराबर आवाजाही हो रही है। - संवाद