रामपुर बुशहर। रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन 412 मेगावाट ने वीरवार को मांगों को लेकर परियोजना के खिलाफ बायल में प्रदर्शन किया। 19 जून को दिए गए 11 सूत्रीय मांगपत्र पर एसजेवीएनएल प्रबंधन का सकारात्मक बातचीत न करना और मजदूर विरोधी रवैये के खिलाफ मजदूरों ने रोष जताया है। सीटू राज्य अध्यक्ष विजेंदर मेहरा, जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, अमित, यूनियन अध्यक्ष आनंद मेहता, यूनियन महासचिव नीलदत्त शर्मा और लूहरी परियोजना वर्कर यूनियन के अध्यक्ष कपिल ठाकुर ने कहा कि रामपुर हाइड्रो पावर स्टेशन 412 मेगावाट यूनियन द्वारा प्रबंधन को 19 जून, 2023 को मांग पत्र सौंपा गया था।
इसमें परियोजना में काम कर रहे मजदूरों के लिए पदोन्नति नीति, सामूहिक बीमा, काम के आधार पर पद, 22,000 रुपये वर्दी भत्ता, 1500 मेगावाट झाकड़ी परियोजना की तर्ज पर 500 रुपये वर्दी धुलाई भत्ता, यात्रा भत्ता में बढ़ोतरी, दत्तनगर कॉलोनी साइट में कैंटीन, रोगी वाहन, शिफ्ट में काम कर रहे मजदूरों को शिफ्ट गाड़ी, कुशवा, खरगा, तुनन और पोशना पंचायत सहित अन्य पंचायतों से आ रहे मजदूरों के लिए जगातखाना होकर बस चलाने जैसी मांगें रखी थी। इसके बावजूद दो महीने से अधिक का समय हो गया है लेकिन परियोजना प्रबंधन ने इसका कोई समाधान नहीं किया है। यूनियन का मानना है कि 412 मेगावाट प्रबंधन जानबूझकर मजदूरों की मांगों पर बातचीत में देरी कर रहा है। 30 अगस्त को भी बुलाई बैठक मात्र औपचारिकता थी। इसमें समस्याओं का निदान करने के लिए कोई पहल नहीं की गई है। एक प्रोजेक्ट में मजदूरों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा। मजदूरों को चिह्नित करके प्रताड़ित करने का काम किया जा रहा है। मांगपत्र पर प्रबंधन का यूनियन के साथ सिर्फ औपचारिक बैठक करना और बैठक में मजदूरों को धमकी देना प्रबंधन के मजदूर विरोधी अड़ियल रवैये को दर्शाता है।
वहीं जो मजदूर मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें परेशान करने के लिए प्रबंधन ठेकेदारों पर दबाव बना रहा है। यूनियन ने प्रदर्शन के माध्यम से चेताया कि अगर प्रबंधन ने मजदूरों को प्रताड़ित किया और मांगों पर बातचीत करके समाधान नहीं निकला तो आने वाले समय में आंदोलन उग्र किया जाएगा। इस मौके पर रिंकू राम, संदीप ठाकुर, दुर्भासानंद, राजकुमार, योगराज, तिलक और हेमराज सहित अन्य मौजूद रहे।