नौ माह के बाद भी बरसात में टूटी सड़क को यातायात के लिए बहाल नहीं कर पाया लोक निर्माण विभाग
पीठ पर उठाकर खाद्य सामग्री ढोने को मजबूर ग्रामीण, क्षेत्र से 50,000 सेब की पेटियों का होता है उत्पादन
संवाद न्यूज एजेंसी
भावानगर (किन्नौर)। निचार खंड की सुंगरा पंचायत के तहत प्याररातपो से बारो गांव के लिए बना जीप योग्य मार्ग लंबे समय से वाहनों की आवाजाही के अवरुद्ध है। जुलाई 2023 में बरसात के दौरान सड़क की दीवार टूट गई और कई स्थानों पर संकीर्ण मार्ग है। इसके कारण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप है। हैरानी इस बात की है कि नौ माह के बाद भी यातायात बहाल नहीं हो पाया है। गौर हो कि वर्ष 2022 में दो किलोमीटर जीप योग्य सड़क का उद्घाटन किया गया था। इसके बाद मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू हुई, लेकिन बरसात के कारण सड़क की दीवार टूटने और कई स्थानों पर मार्ग तंग होने के कारण मार्ग पर यातायात ठप पड़ा हो गया। मार्ग से सुंगरा पंचायत के सुंगरा, थानंग, बायुदा और बारो गांव के करीब 600 ग्रामीण लाभान्वित होते हैं, लेकिन मार्ग अवरुद्ध होने से रोजाना ग्रामीण पैदल चलने को मजबूर हैं। लोग पीठ पर उठाकर खाद्य सामग्री घर तक पहुंचा रहे हैं। वहीं क्षेत्र से 50,000 सेब की पेटियों का उत्पादन होता है। भाजपा जिला महामंत्री संजय नेगी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के आते ही कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने सड़क की बदतर हालात को दरकिनार कर दिया है। आज हालात ऐसे हैं कि वाहनों के पहिये पूरी तरह से थम हो गए हैं। ग्रामीणों को आवाजाही करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व प्रधान सुंगरा पंचायत हरबंस नेगी, पूर्व प्रधान सुंगरा आराधना नेगी, उपप्रधान अजय नेगी, मनसर नेगी, ओमप्रकाश नेगी और श्याम नेगी सहित अन्य ग्रामीणों ने सरकार और लोक निर्माण विभाग से मार्ग की दशा सुधारने सहित मार्ग को बहाल करने की मांग उठाई है, जिससे सेब सीजन में भी बागवानों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। उधर, लोक निर्माण विभाग भावानगर के अधिशासी अभियंता प्रमोद उपरेती ने कहा कि सरकार ने बजट का प्रावधान किया है। आचार संहिता हटते ही सड़क कायाकल्प का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।