लुहरी परियोजना में लैंड लूजरों को नहीं दिया जा स्थायी रोजगार, आरोप-जमीन के दामों में परियोजना ने किया धोखा
बैठक कर प्रभावितों ने आगामी रणनीति की तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। दो फरवरी को नीरथ में लुहरी परियोजना प्रभावित मांगों को लेकर परियोजना प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। परियोजना प्रभावितों का आरोप है कि लैंड लूजरों को स्थायी रोजगार नहीं दिया जा रहा है। वहीं परियोजना निर्माण के लिए खरीदी गई जमीन के दामों में भी धोखाधड़ी की गई है। यह आरोप सोमवार को लुहरी परियोजना प्रभावितों ने बैठक में लगाए। सोमवार को 210 मेगावाट की लुहरी परियोजना के प्रभावित परिवारों की बैठक नीरथ में आयोजित हुई। बैठक में मुख्य रूप से जिन लोगों की जमीन परियोजना निर्माण में इस्तेमाल की जा रही है, उनकी समस्याओं पर चर्चा की गई और दो फरवरी को होने वाले प्रदर्शन पर मंथन कर रणनीति तैयार की गई। बैठक में किसान सभा के सचिव राकेश सिंघा, किसान सभा जिला शिमला महासचिव देवकी नंद और पूर्ण ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि लुहरी परियोजना निर्माण में जिन लोगों की जमीन गई है, उन लोगों को ठगने का कार्य किया गया है। जमीन के दाम में भी धोखाधड़ी की गई है। जमीन का दाम जिला कुल्लू और जिला शिमला में अलग-अलग दिए गए हैं। वहीं जिन लोगों की जमीन परियोजना निर्माण के तहत आई है, उनके परिवार से परियोजना में स्थायी रोजगार नहीं दिया गया है। बैठक में फैसला लिया गया है कि मांगों के लेकर दो फरवरी को नीरथ में प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए देहात बंद का नारा दिया गया है। किसान सभा जिला महासचिव देवकी नंद ने कहा कि प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में बैठकें आयोजित की जाएंगी और आम जनता को संगठित किया जाएगा। बैठक में 15 सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया है। इसमें जय चंद को संयोजक और ओम प्रकाश चौहान को सह संयोजक चुना गया। कपिल, पवनेश, पवन, यादव, राजपाल, पदम, टिकम, पल्स राम, दर्शन लाल, जगदीश और बिहारी लाल को कमेटी सदस्य चुना गया है।