नेरवा-पांवटा मार्ग पर जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हजारों लोग
लोक निर्माण विभाग विभाग दो सालों से नजरअंदाज कर रहा लोगों की मांग, हादसे का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहडू)। नेरवा-पांवटा मार्ग पर ढांक में आई दरार कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। नेरवा से दो किलोमीटर आगे शिह क्यार में मार्ग पर ढांक में कई साल पहले पड़ी दरारें लगातार बढ़ रही हैं। इस बरसात में हुई भारी बारिश से पानी का रिसाव होने के कारण दराणें और ज्यादा बड़ी हो गई हैं। इस वजह से ढांक से सड़क पर पत्थर गिरने शुरू हो गए हैं। इस कारण यहां हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। इस स्थान पर ढांक से पत्थर गिरने से कई बार सड़क से गुजर रहे राहगीर बाल-बाल बच चुके हैं, जबकि सड़क के किनारे खड़े वाहनों को भी नुकसान हो चुका है। अगर इस स्थान पर दरक रहे ढांक की कटिंग नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बता दें कि अक्सर पूरा दिन व्यस्त रहने वाली सड़क पर पैदल आवाजाही के अतिरिक्त रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। उत्तराखंड के देहरादून, विकास नगर, यूपी के सहारनपुर, सिरमौर के प्रमुख व्यावसायी पांवटा शहर की तरफ रोजाना बड़ी संख्या में निजी वाहनों से आवाजाही करते हैं। इन क्षेत्रों के लिए यही मुख्य मार्ग है। इसके अलावा सड़क से प्रतिदिन दर्जनों बसों सहित अन्य वाहन भी गुजरते हैं। लिहाजा मार्ग पूरा दिन वाहनों और राहगीरों की आवाजाही से व्यस्त रहता है। ऐसे में अगर चट्टानों से अलग हो चुका ढांक का हिस्सा गिरता है, तो बड़ा हादसा पेश आ सकता है। स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग ढांक की कटिंग करने की मांग की जा रही है लेकिन अभी तक विभाग इसको लेकर कोई उचित कदम नहीं उठा रहा है। स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग से गुहार लगाने के साथ ही चेतावनी दी है कि खतरे को देखते हुए इस स्थान पर ढांक की कटिंग कर दरार को शीघ्र हटाया जाए अन्यथा कोई अनहोनी होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी।