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Rampur Bushahar News: सूखे से किसानों पर दोहरी मार, फसल कम, दाम भी कम

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नेरवा में फ्रासबीन और मटर की फसल के उचित दाम नहीं मिलने से किसानों को झेलना पड़ रहा नुकसान
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स्रोताें का पानी सूखने से सिंचाई नहीं कर पा रहे किसान, मंडियों में आवक भी घटी
संवाद न्यूज एजेंसी

नेरवा (रोहड़ू)। बीते कुछ दिनों से पड़ रही प्रचंड गर्मी से फसलें सूखने के कगार पर आ गई है। वहीं बारिश नहीं होने से फसलों की गुणवत्ता भी गिर गई है। इससे बागवानों पर मौसम की दोहरी मार पड़ रही है। नेरवा में वर्तमान में लोगों ने फ्रासबीन और मटर की फसलें लगाई हैं, लेकिन बारिश नहीं होने से किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। नेरवा सब्जी मंडी की चौहान फ्रूट कंपनी के मालिक आढ़ती ओम प्रकाश चौहान ने बताया कि सूखे के कारण फसलों की गुणवत्ता गिर गई है। इसके चलते दामों में भारी गिरावट आई है। साथ ही कश्मीर की मंडियों के माल की भी आवक भी मंडियों में शुरू हो गई है। इसके कारण मटर और फ्रासबीन के दामों में कमी दर्ज की गई है। बीते सप्ताह तक गुणवत्ता के आधार पर मटर 50 से 70 और फ्रासबीन 50 से 70 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही थी जबकि मंगलवार को मंडी में मटर 25 से 50 और फ्रासबीन 45 से 55 रुपये के भाव से बिकी है। फसलों की आवक भी 200 बोरी से घटकर 100 बोरी ही रह गई है। गर्मी अधिक पड़ने के कारण पानी के स्रोत या तो सूख गए हैं या फिर उनमें पानी की मात्रा घट गई है। इसके चलते किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण सीजन लगभग दो सप्ताह कम हो जाने के चलते किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि मंडी में आजकल बेहतर गुणवत्ता के लहसुन की 100 से 150 कट्टों की आवक हो रही है। गुणवत्ता के आधार पर लहसुन 90 से 150 रुपये किलो के हिसाब से बिक रहा है। ओम प्रकाश चौहान ने बताया कि अच्छी गुणवत्ता की फसलें चंडीगढ़ और दिल्ली जबकि हल्का माल सहारनपुर और देहरादून की मंडियों के लिए सप्लाई किए जाते हैं।
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