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Rampur Bushahar News: मल्टी टास्क वर्कर यूनियन से सरकार से उठाई स्थाई नीति की मांग

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सरकार के दोहरे व्यवहार से वर्करों में रोष, बोले, काम दैनिक वेतन भोगी का और नाम मल्टी टास्क वर्कर : ठाकुर
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संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। विभिन्न विभागों में तैनात मल्टी टास्क वर्करों से दैनिक वेतन भोगी का काम करवाया जा रहा है और मल्टी टास्क वर्कर के तौर पर उन्हें नाममात्र का मानदेय दिया जा रहा है। सरकार के इस दोहरे व्यवहार से प्रदेश के हजारों मल्टी टास्क वर्करों में रोष है। मल्टी टास्क वर्कर संघ से सरकार से स्थाई नीति बनाने की मांग की है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों से निजात मिल सके। रिकांगपिओ में आयोजित पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्कर यूनियन जिला किन्नौर की वार्षिक बैठक विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के अध्यक्ष गौरव ठाकुर ने की। इसमें यूनियन के पदाधिकारियों ने भविष्य में संगठन को मजबूत बनाने और वर्कर्स की मांगों को सरकार तक पुरजोर तरीके से रखने पर विस्तार से चर्चा की। यूनियन अध्यक्ष गौरव ठाकुर ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि सरकार वर्करों से पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्कर का नाम देकर दैनिक वेतन भोगी के बराबर कार्य ले रही है। भविष्य में यूनियन इसका कड़ा विरोध करेगी, क्योंकि पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्कर में विधवाएं, अनाथ और दिव्यांग सेवाएं दे रहे हैं और इनसे भी सुबह 9 बजे से शाम साढ़े चार बजे तक अन्य कर्मचारियों की तरह सेवाएं ली जाती हैं, लेकिन बदले में मात्र 5,625 रुपये मानदेय दिया जा रहा है, जिससे वर्करों के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि सरकार के दोहरे मापदंड से वर्करों में हीन भावना पैदा हो रही है, जिसका संघ कड़ा विरोध करता है। संघ ने प्रदेश सरकार से पार्ट टाइम मल्टी टास्क वर्करों से सौतेला व्यवहार न करते हुए अन्य कर्मचारियों के बराबर वेतन देने और स्थाई नीति बनाने की मांग की है। इस मौके पर यूनियन उपाध्यक्ष अजय कुमार, सचिव गुरदेव नेगी, बबीना, भजन देव, पूजा नेगी और रूप सिंह नेगी सहित अन्य वर्कर मौजूद रहे।
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