कांग्रेस के मजबूत गढ़ को भेदना भाजपा के लिए हमेशा बना चुनौती, 42 प्रतिशत वोट किए हासिल
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में इस बार कांग्रेस का वोट प्रतिशत गिरा है। बीते विधानसभा चुनाव में यहां से कांग्रेस को 62 प्रतिशत मत मिले थे, जिसकी वजह से कांग्रेस ने 19,339 के बढ़े अंतर से जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की बढ़त का मार्जन घटकर आधा रह गया है। रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस का एक सबसे बड़ा गढ़ माना जाता है। कांग्रेस के गढ़ को भेदना भाजपा के लिए हमेशा से ही चुनौती रहा है, लेकिन इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस रोहडू़ विधानसभा चुनाव में लीड लेने में कामयाब रही है। हैरानी इस बात की है कि सत्ता में होने के बावजूद लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के वोट बैंक में गिरावट आई है। बीते विधानसभा चुनाव में भाजपा मात्र 27 प्रतिशत वोट में सिमट गई थी। इस कारण विधायक मोहन लाल ब्राक्टा विधानसभा चुनाव में 19,339 की बड़े अंतर से जीते थे, लेकिन इस बार लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 42 प्रतिशत वोट हासिल करने में कामयाबी हासिल की है। वहीं कांग्रेस 56 प्रतिशत वोट हासिल कर सकी है। इस कारण लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की लीड रोहडू़ से घटकर 9,000 पर पहुंच गई है। इस बार भाजपा के वोट प्रतिशत में यहां से 15 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राेहड़ू विधानसभा क्षेत्र के 20 बूथों पर भाजपा ने बढ़त हासिल की है। भाजपा मंडल अध्यक्ष शशि रावत ने बताया कि लोकसभा चुनाव में भाजपा ने रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया है। मंडल के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर पर काम किया। इस कारण रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का वोट प्रतिशत बढ़ा है। हर बूथ पर भाजपा के वोट बैंक में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूत करने का कार्य लगातार जारी रहेगा। कांग्रेस ब्लाॅक अध्यक्ष करतार सिंह कुल्ला ने बताया कि रोहड़ू से कांग्रेस ने अच्छी बढ़त ली है। शिमला संसदीय क्षेत्र में सबसे अधिक बढ़त रोहड़ू ने ही दी है।