रामपुर बुशहर। सतलुज नदी पर निर्माणाधीन एसजेवीएन की लुहरी जल विद्युत परियोजना से प्रभावित नीरथ और दत्तनगर पंचायत के प्रभावितों को न तो परियोजना में रोजगार मिला, न मुआवजा और न ही आरएंडआर पॉलिसी के तहत मिलने वाले लाभ।
परियोजना द्वारा अपनाए जा रहे तानाशाही रवैये को लेकर सूर्य नारायण बांध विस्थापित संघर्ष समिति निर्णायक लड़ाई लड़ेगी। यह बात रामपुर उपमंडल के भद्राश में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कही। सूर्य नारायण बांध विस्थापित संघर्ष समिति नीरथ के सचिव गोवर्धन सिंह ने कहा कि लुहरी जल विद्युत परियोजना निर्माण के लिए जिन परिवारों ने अपनी जमीन और मकान दिए हैं, उनके हितों की रक्षा के लिए यह समिति बनाई गई है।
सतलुज जल विद्युत निगम, तत्कालीन सरकार और जिला प्रशासन के कृत्यों और फैसलों से परियोजना प्रभावित परिवार रोषजदा हैं। हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी परियोजना को एक चौथाई कीमत पर जमीन नीरथ और दतनगर पंचायत के 500 से ज्यादा परिवारों ने दी है।
परियोजना प्रबंधन, जिला प्रशासन व तत्कालीन प्रदेश सरकार ने लोगों को गुमराह कर अनुचित दबाव और प्रलोभन देकर नीरथ और दत्तनगर पंचायत के लोगों से सिंचाई और कृषि योग्य भूमि सर्किल रेट से आधी कीमत पर ली जबकि अधिग्रहण पर लोगों को सर्किल रेट से दोगुनी राशि मिलनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि परियोजना प्रभावितों को राहत एवं पुनर्वास योजना के तहत मिलने वाले लाभ नहीं मिले हैं, जबकि परियोजना निर्माण को दो वर्ष का समय बीत रहा है।
परियोजना प्रभावितों को वादे के बावजूद न रोजगार मिला, न मकान के बदले मकान, न प्रदूषण का मुआवजा और न ही परियोजना के जरिये होने वाले विकास कार्यों का लाभ।
ऐसे में परियोजना प्रभावित इन पंचायतों के ग्रामीण अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। संघर्ष समिति ने मौजूदा सरकार के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मंत्री जगत सिंह नेगी, विक्रमादित्य सिंह और सांसद प्रतिभा सिंह से प्रभावितों की मांगों को उठाया है और सरकार की ओर से उन्हें प्रभावी कदम उठाने का आश्वासन दिया गया है।
समिति के सदस्यों ने चेताया कि अगर प्रभावितों के साथ उचित न्याय नहीं होता तो वे प्रदेश उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे। इस मौके पर समिति के उपप्रधान रजत कंवर, सलाहकार ओम प्रकाश, सह सचिव ईश्वर मेहता, कोषाध्यक्ष गुलाब ठाकुर, परमिंदर शर्मा, दर्शन भंडारी सहित अन्य मौजूद रहे।